श्रीलंका में शुरू हो चुकी है राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग, 225 सांसद गुप्तमतदान से चुनेंगे प्रथम नागरिक

नए राष्ट्रपति के चयन के लिए श्रीलंका में आज मतदान की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। श्रीलंकाई संसद के 225 सांसद गुप्तमतदान के माध्यम से देश का प्रथम नागरिक चुनेंगे। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे सहित तीन प्रत्याशी हैं मैदान में।

श्रीलंका (Sri Lanka) में बीते दिनों से चल रहे आर्थिक संकट से उपजे नागरिकों के विद्रोह के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति (President) गोटबाया राजपक्षे के द्वारा इस्तीफा दे दिया गया था। इसकी प्रतिक्रिया के स्वरूप नए राष्ट्रपति के चयन के लिए श्रीलंका में आज मतदान की प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी है। भारतीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे से श्रीलंका के राष्ट्रपति पद के लिए मतदान प्रारम्भ हो गए हैं। श्रीलंकाई संसद के 225 सांसद गुप्तमतदान के माध्यम से देश का प्रथम नागरिक चुनेंगे।

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे सहित तीन प्रत्याशी हैं मैदान में

गोटबाया राजपक्षे के श्रीलंकाई राष्ट्रपति के पद से इस्तीफे के बाद से ही नए राष्ट्रपति के चयन के लिए देशभर में अटकलें शुरू हो गई थी। गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया था। अब आधिकारिक रूप से हो रहे राष्ट्रपति चुनाव में रानिल विक्रमसिंघे सहित दो और उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके नाम दुल्लास अल्हाप्पेरुमा और अनुरा कुमारा दिसानायके है।

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रानिल विक्रमसिंघे का श्रीलंकाई जनता कर रही है विरोध

जानकारी के अनुसार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रहते हुए देश के राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल होने वाले रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका की जनता राष्ट्रपति के पद पर देखना नहीं चाहती है। तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के साथ ही प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पर भी श्रीलंका में वर्तमान में जारी आर्थिक संकट के निर्माण में सहायक होने के आरोप देश की आक्रोशित जनता के द्वारा लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार दुल्लास अल्हाप्पेरुमा काफी मजबूत स्थिति में हैं और रानिल विक्रमसिंघे को कड़ी टक्कर उनके द्वारा दी जा रही है, परन्तु केवल सांसदों के द्वारा मतदान किए जाने से देश के वर्तमान हाल से नाराज जनता के द्वारा खारिज किए गए रानिल विक्रमसिंघे ही राष्ट्रपति पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।