Rain Alert : 10 अप्रैल तक इन जिलों में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में 7 से 10 अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी में राहत मिलने की संभावना है। तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट हो सकती है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

Srashti Bisen
Published:

Rain Alert : उत्तर प्रदेश में चल रही भीषण गर्मी से जल्द ही राहत मिलने वाली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे 7 से 10 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव आएगा। इस बदलाव के साथ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ आराम मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 5 और 6 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और सूरज की तेज़ रौशनी पड़ेगी, जिससे गर्मी का असर बना रहेगा। लेकिन, 7 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव शुरू होगा, जिससे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बादल घेरने लगेंगे। इसके बाद, 8 और 9 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में हो सकती है बारिश (Rain Alert)

मौसम विभाग ने यह अनुमान जताया है कि आगामी बारिश मेरठ, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और बरेली समेत प्रदेश के कई जिलों में हो सकती है। इसके साथ ही आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जो फसलों के लिए फायदेमंद तो हो सकती है, लेकिन नुकसान भी पहुंचा सकती है।

तापमान में आ सकती है 3-5 डिग्री की गिरावट

इस समय उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। लेकिन बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट होने की संभावना है, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही रात के तापमान में भी हल्की गिरावट आ सकती है, जो ठंडक का अहसास कराएगी।

किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है बारिश

इस बारिश का किसानों के लिए भी लाभदायक हो सकता है, खासकर उन किसानों के लिए जो गर्मी की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। बारिश से फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, ओलावृष्टि की स्थिति में फसलों को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर ध्यान रखें और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।