सीएम के चेहरे पर सियासत, लेकिन मुद्दे विहिन पार्टियां

पंजाब (Punjab) सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) में सीएम (CM) चेहरे को लेकर कांग्रेस (Congress) में अभी भी सियासत की जंग जारी है वहीं कांग्रेस व भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के पास कोई ऐसे दमदार मुद्दे नहीं है।

चंडीगढ़: पंजाब (Punjab) सूबे में होने वाले विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Election) में सीएम (CM) चेहरे को लेकर कांग्रेस (Congress) में अभी भी सियासत की जंग जारी है। वहीं कांग्रेस व भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के पास कोई ऐसे दमदार मुद्दे नहीं है। जिनका दम वे वोटरों के सामने जाकर भर सके। बीते चुनावों की यदि बात करें तो सभी राजनीतिक दलों के पास जनता के किसी न किसी मुद्दे प्रमुख रहा करते थे और इन्हीं मुद्दों को भुनाने का प्रयास भी दलों द्वारा किया जाता रहा है।

लेकिन इस बार होने वाले राज्य के विधानसभा चुनाव में जन हितों के मुद्दे बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रह है। बावजूद इसके राजनीतिक दलों द्वारा सूबे में सरकार बनाने के दावे किए जा रहे है। यहां लिखने में बिल्कुल भी गुरेज नहीं है कि जनता जिसे चाहे तख्त पर बैठा सकती है और जिसे चाहे तख्त से उतार भी सकती है, परंतु महसूस होता है कि राजनीतिक दलों को जनता के हित वाले विषयांे से कोई सरोकार नहीं है।

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सब अपनी मस्ती में मस्त

कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को बतौर सीएम चेहरा ऐलान किया है वहीं आम आदमी पार्टी ने भी भगवंत मान को सीएम चेहरा घोषित कर रखा है। अभी भाजपा इस मुद्दे के मामले में पीछे दिखाई दे रही है। दल बदल का खेल भी जारी है, कुल मिलाकर सभी राजनीतिक दल अपनी मस्ती में मस्त है।

मुद्दों का ही खेल होता है

जनता चाहती है कि उसकी समस्याओं का समाधान मौजूदा सरकार या आने वाली नई सरकार द्वारा किया जाए। जन समस्याआंे संबंधी मुद्दे ही चुनावों में खेल होते है, परंतु मौजूदा चुनाव में मुद्दे गायब है। इधर कांग्रेस में अभी भी सीएम चेहरे को लेकर सियासत का पारा चढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि सीएम पद और चुनावों में सीएम फेस को लेकर लड़ाई होती रही है और इस तरह की लड़ाई में ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथा से कुर्सी जाती रही तथा अब वे इस चुनाव में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे है।