केंद्र सरकार लगातार देश की स्थितियों को सुधारने के लिए कई बड़े-बड़े कदम उठा रही है। भारत में चिकित्सा प्रणालियों के सुधार के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिसंबर को तीन राष्ट्रीय स्तर पर आयुष संस्थानों को तोहफा देने वाले। इससे रीसर्च संस्थान और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन को मजबूती मिलेंगी।

केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कहा कि ये संस्थान रीसर्च और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन को और मजबूत करेंगे। साथ ही ये बड़े समुदाय के लिए सस्ती आयुष सेवाओं की सुविधा भी प्रदान करेंगे।

मीडिया को संबोधित करते हुए ये बोले- सोनोवाल

सोनोवाल ने कहा कि, गोवा के पंजिम में 9वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस (डब्ल्यूएसी) का विवरण भी दिया, जो वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिकता, प्रभावकारिता और दवाओं की आयुष प्रणाली की ताकत का प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना बुनियादी ढांचे और मानव संसाधनों के विस्तार और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

400 अतिरिक्त होगी सीटें

ये तीन संस्थान यूजी, पीजी और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों में छात्रों के लिए 400 अतिरिक्त सीटें बनाएंगे। इन संस्थानों में 550 अतिरिक्त बेड भी जोड़े जाएंगे। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा, आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली के माध्यम से शिक्षा और रोगी देखभाल सेवाओं में यूजी, पीजी और डॉक्टरेट के बाद की धाराओं के लिए उच्चतम गुणवत्ता वाली सुविधाएं प्रदान करेगा। ये तीन संस्थान अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा, राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम), गाजियाबाद और राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (NIH), दिल्ली हैं।

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अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सहयोग

सोनोवाल ने कहा कि इसे चिकित्सा मूल्य यात्रा (एमवीटी) को बढ़ावा देने वाले आयुर्वेद के एक वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जाएगा। शैक्षणिक और अनुसंधान उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक मॉडल केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (एनआईएच), दिल्ली, उत्तर भारत में होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली विकसित करने और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अपनी तरह का पहला संस्थान है। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक दवाओं के साथ आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को मुख्यधारा में लाने और एकीकृत करने में काम करेगा और एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान के रूप में विकसित होने के लिए अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करेगा।