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कोर्ट और सरकार के हिसाब से ही निजी स्कूल ट्यूशन फीस लेंगे कलेक्टर मनीष सिंह ने दी संचालकों को चेतावनी

इंदौर 26 जून, 2020
इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान उपजी परिस्थितियों के मद्देनजर प्रायवेट स्कूलों में फीस, शिक्षण सामग्री तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर  मनीष सिंह ने आज यहां सीबीएसई पाठ्यक्रमों के स्कूल प्राचार्यों तथा संचालकों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा न्यायालय तथा शासन के निर्देशों के अनुसार ट्युशन फीस ही  ली जाये। अन्य किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाये। कॉपी-किताब तथा अन्य शिक्षण सामग्री एक ही संस्थान से खरीदने के लिये बाध्य नहीं किया जाये। स्कूल प्रबंधन तथा पालकगण एक-दूसरे की परेशानियों को समझें। किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, पालक-शिक्षक एक-दूसरे का सम्मान करें। दुर्व्यवहार करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में एडीएम अजयदेव शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी  राजेन्द्र मकवानी सहित विभिन्न सीबीएसई पाठ्यक्रमों के निजी स्कूलों के प्राचार्य तथा संचालकगण मौजूद थे। बैठक में सहोदय के चेयरमेन  यू.के.झा भी मौजूद थे। बैठक में प्राचार्यों तथा संचालकगणों ने सर्वसम्मति से बताया कि उनके द्वारा न्यायालय तथा शासन के निर्देशों के अनुसार ट्युशन फीस ही ली जायेगी। अन्य कोई शुल्क नहीं लेंगे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिये ऑनलाईन कक्षाएँ चलायी जा रही हैं, इससे विद्यार्थियों का ही हित होगा। प्राचार्यों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा तय किया गया है कि पालकों की सुविधा के अनुसार सिर्फ ट्युशन फीस ही ली जायेगी। यह फीस सुविधा के अनुसार विभिन्न किश्तों में लेंगे। कलेक्टर  मनीष सिंह ने निर्देश दिये कि फीस लेने का स्ट्रेक्चर इस तरह बनाया जाये कि पालकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो। बच्चों को जो सुविधाएँ एवं सेवाएँ नहीं दी जा रही हैं, उनका कोई भी शुल्क नहीं लिया जाये। स्कूल प्रबंधन पालकों से निरंतर संवाद करें। उन्हें समझाईश दें, सही-गलत बतायें, बच्चों का हित समझायें। मनीष सिंह ने कहा कि कोई भी स्कूल प्रबंधन कॉपी-किताबें तथा अन्य शिक्षण सामग्री एक ही संस्थान से क्रय करने के लिये पालकों को बाध्य नहीं करें। प्राथमिक स्तर पर ऑन लाईन कक्षाएँ नहीं चलायी जायें। सौहार्द का वातावरण बनाये रखा जाये। उन्होंने कहा कि सभी कानून-व्यवस्था का पालन करें। कानून-व्यवस्था हाथ में नहीं लें। एक-दूसरे का सम्मान बनाये रखें।