दिल पाकिस्तान के साथ लेकिन दिमाग भारत के साथ- वक़ार यूनुस

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वक़ार यूनुस का इंटरव्यू-

साउथहैंपटन के मीडिया बॉक्स में हाथ मिलाते ही मुंह से निकला “क्या गेंद थी वकार भाई, एजबेस्टन टेस्ट में माइकल आर्थ टन को बोल्ड किया था” जवाब आया -भाई अब तो मुझे भी याद नहीं रही। फोटो की गुजारिश की तो बोले “लो लो जितने मर्जी लो हम भी आपके ही हैं ” ।

आईसीसी के अधिकारी को यह मुलाकात पसंद नहीं आ रही थी, आंखों से तो इशारा कर ही रहे थे वकार के जाते ही हिदायत भी दी कि अगर आपने प्रोफेशनल एरिया में इंटरव्यू करने की कोशिश की या फोटो लिया तो मीडिया बॉक्स से बाहर कर दिए जाओगे ।

10 मिनट बाद वकार वहीं आ गए जहां कुछ पत्रकार बैठे थे ।मुरली कार्तिक पहले से मौजूद थे वकार उनसे मजाक करने लगे । नजर वक़ार पर पड़ी तो दोबारा वकार से बात करने का मन बनाया। फटकार का डर तो था लेकिन फिर सोचा यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। वकार से बात करने के लिए इतनी कीमत तो अदा की ही जा सकती है ।हाथ में कॉफी लेकर पास वाली कुर्सी पर बैठ गया। भारत-पाकिस्तान पर बात हुई तो बोले – दिल तो पाकिस्तान के ही साथ है ,लेकिन दिमाग भारत और इंग्लैंड बोल रहा है । इस विश्व कप में यह दोनों सबसे ज्यादा भारी है । भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बोले कोई भी जीत सकता है।

पिछला आंकड़ा याद दिलाया तो हंस कर जवाब दिया क्रिकेट में पिछला कुछ नहीं होता। हमारी टीम अच्छी है। कड़ी टक्कर देगी और हरा भी दें तो हैरानी नहीं होगी। खींचतान पर बोले -20 साल से सब कुछ देख रहा हूं, अब तो हंसी आने लगी है। क्रिकेट को क्रिकेट की रहने दीजिए जनाब, और मुश्किल मत करिए। ‘नफरत’ से सभी नफरत ही करते हैं। किसी भी खिलाड़ी से पूछ लीजिए वह इसे सिर्फ एक मैच की तरह लेता है । हमारे जमाने में भी यही था और आज भी यही है। बात खत्म ही हुई थी कि अधिकारी ने वापस बुला लिया और करवाई की चेतावनी दी । अगली ही सुबह मेल पर नोटिस आ गया । माफी मांग ली, और विश्वकप का सफर अब तक जारी है ।

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