कोरोना वायरस से टूटा चीन, कारोबार चौपट, भारत पर भी असर

भारत में चीन पाम तेल का प्रमुख आयातक है लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन में उसके आयात पर काफी असर पड़ा है, जिसके कारण पाम के प्रमुख उत्पादक देश मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम तेल दाम में भारी गिरावट आई है।

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने चीन में महामारी का रूप ले लिया है। तमाम कोशिशों के बाद भी चीन इस खतरनाक बीमारी को रोकने में नाकाम नजर अ रहा है। कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वायरस ने चीन को तोड़कर रख दिया है।

कोरोना वायरस की वजह से चीन को आर्थिक मोर्चो पर भी बड़ा नुक्सान उठाना पड़ रहा है। वायरस के खौफ से कर्मचारियों ने खुदको घरों में कैद कर लिया है और दफ्तर नहीं जा रहा है, जिससे कंपनियों को काफी नुक्सान हो रहा है।

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कोरोना वायरस फैलने की वजह से चीन में सभी स्कूलों को मार्च तक बंद कर दिया गया है। इसके अलावा विभिन्न संग्रहालयों और सांस्कृतिक स्थलों को भी बंद कर दिया गया है। अस्पतालों का भी यही हाल है, जहां काम करने वाले लोग घरों से ही काम करने को मजबूर हैं।

चीन के वुहान और हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस से पीड़ित सबसे ज्यादा मरीज पाए गए। उसके बाद सरकार ने इस शहर में बाहरी लोगों की आवाजाही बंद कर दी है। इस वायरस के प्रकोप के कारण दुनियाभर के बाजारों में मंदी का माहौल है.इससे कृषि उत्पाद बाजार भी प्रभावित हुआ है।

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दरअसल, भारत में चीन पाम तेल का प्रमुख आयातक है लेकिन कोरोना वायरस के कारण चीन में उसके आयात पर काफी असर पड़ा है, जिसके कारण पाम के प्रमुख उत्पादक देश मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम तेल दाम में भारी गिरावट आई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पाम तेल का दाम करीब 100 डॉलर प्रति टन टूट गया है।

पाम तेल के दामों में आई गिरावट से भारत में तमाम तेल-तिलहनों में मंदी छा गई है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ेगी क्योंकि रबी सीजन की फसल की आवक जोर पकड़ने पर उनको सरसों व अन्य तिलहन फसलों का उचित दाम नहीं मिल पाएगा।

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चीन में वहां उद्योग भी काफी प्रभावित हुआ है।एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में 2020 में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कम से कम 10 लाख यूनिट बिक्री की कमी देखी गई है। सीएएएम के आंकड़ों के मुताबिक चीन में जनवरी में वाहनों की सालाना बिक्री 18 फीसदी घटकर 19 लाख 40 हजार यूनिट रह गई है. ।वहीं नई ऊर्जा वाले वाहनों की बिक्री 54.4 फीसदी घटकर केवल 44,000 यूनिट दर्ज की गई है।

भारत सबसे ज्यादा जीरा चीन को निर्यात करता है लेकिन कोरोना वायरस के कारण भारत के व्यापार पर भी असर पड़ा है। इस वायरस के प्रकोप के चलते भारत से जीरे का निर्यात ठप पड़ गया है। निर्यात ठप होने के कारण घरेलू बाजार में जीरे के दाम में एक महीने में 13 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, हाजिर बाजार में जीरे का दाम बीते एक महीने में 30 रुपये प्रति किलो तक टूटा है। भारत सबसे ज्यादा जीरा चीन को निर्यात करता है।

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