अफगानिस्तान : 9-11 हमले की साजिश में शामिल था अल जवाहिरी, ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद बना अल कायदा प्रमुख

अल कायदा का चीफ अल जवाहिरी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक ख़ुफ़िया ठिकाने पर छुपा था, जिसे विश्वस्त सूत्रों के द्वारा जानकारी मिलने पर अमेरिकी एजेंसी CIA के द्वारा ड्रोन हमला कर के मार गिरा दिया गया। 9-11 हमले की साजिश में शामिल था अल जवाहिरी।

अफगानिस्तान (Afghanistan) के काबुल में अमेरिकी एजेंसी CIA के द्वारा एयर स्ट्राइक में कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अलकायदा के प्रमुख अल जवाहिरी (Al-Zawahiri) को मार गिराया गया। जानकारी के अनुसार अल कायदा का चीफ अल जवाहिरी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक ख़ुफ़िया ठिकाने पर छुपा था, जिसे विश्वस्त सूत्रों के द्वारा जानकारी मिलने पर अमेरिकी एजेंसी CIA के द्वारा ड्रोन हमला कर के मार गिरा दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के द्वारा अल कायदा के चीफ अल जवाहिरी को मार गिराए जाने की पुष्टि की गई है।

Also Read-शेयर बाजार : सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती, 6.15 प्रतिशत रहा उछाल

9-11 आतंकी हमले में शामिल था अल जवाहिरी

11 सितंबर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हवाई जहाजों से आतंकी हमला किया गया था। उक्त हमले में 2983 लोग मारे गए थे। इसके पीछे कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अल कायदा हाथ माना गया था । इस हमले में अल कायदा के तत्कालीन प्रमुख ओसामा बिन लादेन की प्रमुख भूमिका साबित हुई थी। अल जवाहिरी को ओसामा बिन लादेन का सबसे करीबी व्यक्ति माना जाता रहा है और उक्त हमले में ओसामा बिन लादेन के साथ ही अल जवाहिरी का भी हाथ माना जाता रहा है।

Also Read-व्रत और त्यौहार : आज दे रहे हैं महाकाल मंदिर में दर्शन नागचन्द्रेश्वर, वर्ष में केवल नागपंचमी पर खुलते हैं कपाट

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद बना अल कायदा प्रमुख

11 सितंबर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हवाई जहाजों से हुए आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तत्कालीन अल कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को अमेरिका की सेना के द्वारा बड़ा ऑपरेशन चला कर पाकिस्तान के एबटाबाद जहां वह छुपा हुआ था, मार गिराया। ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल जवाहिरी आतंकी संगठन अल कायदा का प्रमुख बन गया। संगठन की सभी गतिविधियां उसके ही निर्देशन में संचालित होने लगी। जिसके बाद से ही अमेरिकी सेना उसकी तलाश में लगी हुई थी और आख़िरकार उसे मार गिराया गया।