अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई की हालिया बैठक ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। यह बैठक इंदौर में आयोजित की गई, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण की पुरज़ोर मांग उठाई।
बैठक के दौरान, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अखिलेश पटेल ने ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में जोरदार तरीके से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, “सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए।” डॉ. पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र में चौथी श्रेणी की नौकरियों में भी आरक्षण का पालन हो, जहां अक्सर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्तियां की जाती हैं और आरक्षण की अनदेखी होती है।

सरकार से ठोस कदम उठाए जाने की अपील
डॉ. पटेल ने सरकार से आग्रह किया कि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में जो भर्तियाँ आउटसोर्सिंग के माध्यम से होती हैं, उनपर आरक्षण का पालन न होने से सामाजिक असंतुलन पैदा हो रहा है।
उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा राजनीतिक दल है अपना दल (एस)
अपना दल (एस), जो उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, मध्य प्रदेश में भी अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है। इस बैठक ने उन अटकलों पर विराम लगाया है, जो पार्टी के प्रदेश में निष्क्रिय होने का दावा कर रहे थे। पार्टी ने इस बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया कि वह वंचित वर्गों की आवाज़ को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, जो ओबीसी आरक्षण और सामाजिक समरसता की मुखर समर्थक रही हैं, इस बैठक के दौरान पार्टी की आगामी रणनीतियों पर चर्चा की। पार्टी ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की और अपने राजनीतिक प्रभाव को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने का संकल्प लिया।