महाशिवरात्रि पर बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों को होगा अपार धनलाभ

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By Raj RathorePublished On: February 7, 2026
Laxmi Narayan Rajyog

Laxmi Narayan Rajyog : ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की युति से बनने वाले योगों का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व एक ऐसे ही दुर्लभ और शुभ संयोग के साथ आ रहा है। पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दिन कुंभ राशि में बुध और शुक्र ग्रह की युति होगी, जिससे ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ का निर्माण होगा।

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि यह राजयोग कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। जब बुद्धि के कारक ग्रह बुध और धन-वैभव के कारक शुक्र एक साथ आते हैं, तो यह योग व्यक्ति को आर्थिक मजबूती, सुख-सुविधा और करियर में सफलता प्रदान करता है। आइए जानते हैं कि इस शुभ योग का किन चार राशियों पर सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ परिणाम लेकर आ रहा है। इस अवधि में आय वृद्धि के नए स्रोत मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को उम्मीद से कहीं ज्यादा मुनाफा होने की संभावना है। हालांकि खर्चों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन आमदनी बेहतर होने से वित्तीय संतुलन बना रहेगा।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

इस राशि के लोगों के लिए यह राजयोग वित्तीय स्थिति को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत करेगा। नौकरीपेशा लोगों की वेतन वृद्धि के प्रबल योग हैं, जबकि व्यापारियों को भी बड़ा मुनाफा मिल सकता है। काम के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभदायक साबित होंगी। इस दौरान आप किसी नई संपत्ति जैसे मकान या दुकान में निवेश करने का विचार भी बना सकते हैं।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि वालों के लिए यह योग पुराने निवेश से लाभ का संकेत दे रहा है। आपके खर्चों पर नियंत्रण रहेगा, जिससे बचत करने में मदद मिलेगी। किसी पुराने कर्ज या उधार के दबाव से राहत मिल सकती है। बैंक बैलेंस में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में भी तेजी आएगी। सेहत के लिहाज से भी समय अनुकूल रहेगा।

कुंभ राशि (Aquarius)

लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण आपकी राशि के लग्न भाव में हो रहा है, जो इसे विशेष रूप से शक्तिशाली बनाता है। इस दौरान अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। गुप्त स्रोतों या पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। छात्र अपनी पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और लंबे समय से अटके हुए लक्ष्यों को हासिल करने में सफलता मिलेगी।