Indore Metro : शहर के बहुप्रतीक्षित मेट्रो प्रोजेक्ट ने एक और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली कान्ह नदी के नीचे से मेट्रो गुजारने के लिए सुरंग की खुदाई का काम शुरू हो गया है। यह 100 फीट लंबा हिस्सा पूरे मेट्रो कॉरिडोर का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जहां ट्रेन नदी की सतह से लगभग 50 फीट नीचे से गुजरेगी।
इस काम के लिए शिवाजी मार्केट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के पीछे खुदाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस काम को सुचारू रूप से करने के लिए पार्किंग के कुछ हिस्से को तोड़ा भी गया है। यहीं से सुरंग रामबाग ब्रिज और फुट ओवर ब्रिज के बीच से होते हुए राजवाड़ा क्षेत्र की ओर बढ़ेगी।
राजवाड़ा स्टेशन का बदला स्थान
पहले मेट्रो रूट पर राजवाड़ा में एक स्टेशन प्रस्तावित था, लेकिन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की आपत्ति के बाद इसमें बदलाव किया गया। अब यह स्टेशन राजवाड़ा के बजाय सदर बाजार क्षेत्र में बनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के बीच बंगाली चौराहा से राजवाड़ा तक के रूट पर सहमति बन चुकी है, जिससे काम में तेजी आई है।
एयरपोर्ट पर भी अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी
कान्ह नदी के अलावा, इंदौर एयरपोर्ट के पास भी मेट्रो के लिए एक अंडरग्राउंड टनल बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को हवाई अड्डे से बाहर आए बिना सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाना है। मेट्रो स्टेशन एयरपोर्ट परिसर से करीब 200 मीटर की दूरी पर बिजासन मंदिर जाने वाली सड़क के पास बनाया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट के आगमन और प्रस्थान गेट के सामने एस्केलेटर लगाए जाएंगे, जो उन्हें सीधे स्टेशन की अंडरग्राउंड टनल तक ले जाएंगे। इस हिस्से पर भी काम शुरू हो चुका है, जिससे भविष्य में हवाई यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट की प्रगति और लागत
इंदौर मेट्रो के पहले चरण में कुल 31 किलोमीटर लंबे रूट का निर्माण हो रहा है, जिस पर 29 स्टेशन बनाए जाएंगे। एक सामान्य स्टेशन के निर्माण पर करीब 58 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है, जबकि अंडरग्राउंड स्टेशनों की लागत काफी अधिक है।
इस रूट पर कुल 8 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे, जिनमें से प्रत्येक के निर्माण पर 150 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। फिलहाल, अधिकारियों का पूरा ध्यान 17 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर है। इस हिस्से में ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि अगले महीने तक इसका व्यावसायिक संचालन भी शुरू हो जाएगा। गांधी नगर डिपो से रेडिसन चौराहे तक का रूट लगभग तैयार है।










