होली के त्योहार को लेकर पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल बन रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होली से पहले कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आउटसोर्सिंग स्टाफ, संविदाकर्मी और सफाईकर्मियों को भी समय पर भुगतान मिले, ताकि त्योहार के दौरान किसी को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि भुगतान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर विशेष फोकस
सरकार ने इस बार केवल नियमित कर्मचारियों तक ही सीमित निर्णय नहीं लिया, बल्कि अस्थायी और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मियों को भी समान प्राथमिकता दी है। आम तौर पर इन वर्गों के वेतन में देरी की शिकायतें सामने आती रहती हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने अलग से निर्देश देकर यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां समयबद्ध भुगतान करें। यह कदम सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि त्योहारों के समय आर्थिक स्थिरता कर्मचारियों के मनोबल को भी मजबूत करती है।
अवकाश व्यवस्था में बदलाव: 28 फरवरी कार्यदिवस घोषित
होली के अवकाश को लेकर भी सरकार ने संशोधित व्यवस्था लागू की है। आधिकारिक रूप से राज्य में 2, 3 और 4 मार्च 2026 को होली का अवकाश रहेगा। हालांकि, प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए 28 फरवरी 2026 (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है। सामान्य परिस्थितियों में शनिवार को अवकाश या अर्धदिवसीय कामकाज की व्यवस्था रहती है, लेकिन इस बार कार्य संचालन को संतुलित रखने के लिए इसे वर्किंग डे बनाया गया है।
3 मार्च को मिलेगा अतिरिक्त अवकाश
सरकार के निर्देशानुसार 28 फरवरी के बदले 3 मार्च 2026 को कर्मचारियों को अतिरिक्त अवकाश दिया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य यह है कि त्योहार के दौरान लगातार छुट्टियों का लाभ मिल सके और प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित न हो। इस निर्णय से कर्मचारियों को त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जबकि सरकारी कार्यों का प्रवाह भी व्यवस्थित बना रहेगा।
लाखों कर्मचारियों को मिला सीधा लाभ
मुख्यमंत्री के इस फैसले से राज्य के लाखों नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा। होली से पहले वेतन मिलने से बाजार में भी रौनक बढ़ने की संभावना है, क्योंकि त्योहार के समय खरीदारी और पारिवारिक खर्च बढ़ जाते हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह संदेश भी दिया गया है कि कर्मचारियों की सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं।
त्योहार और प्रशासन के बीच संतुलन की कोशिश
सरकार के इस निर्णय को त्योहार की खुशियों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन स्थापित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। समय पर वेतन, स्पष्ट अवकाश कार्यक्रम और कार्यदिवस की पुनर्संरचना—इन तीनों कदमों के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि न तो कर्मचारियों की सुविधाएं प्रभावित हों और न ही शासन व्यवस्था बाधित हो।










