किसानों को मिलेंगे 10 हजार रुपए, केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

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By Raj RathorePublished On: February 7, 2026

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा में आयोजित ‘दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ‘आदर्श खेती’ को बढ़ावा देगी और इसके लिए किसानों को 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

यह महत्वपूर्ण घोषणा उस सम्मेलन में की गई, जिसमें नौ राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की रणनीतियों पर चर्चा करना था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का एक अहम हिस्सा है।

दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता देश के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए विदेशों से दालों का आयात करना गर्व की बात नहीं, बल्कि एक गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक मिशन मोड में काम करने की जरूरत है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, वैज्ञानिक और किसान मिलकर प्रयास करेंगे।

क्या है ‘आदर्श खेती’ मॉडल?

किसानों को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का ऐलान ‘आदर्श खेती’ (Model Farming) को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। हालांकि इस योजना की विस्तृत रूपरेखा अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके तहत किसानों को नवीनतम तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस मॉडल का मकसद प्रति एकड़ उपज को बढ़ाना, खेती की लागत को कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। यह पहल दलहन की खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

वैज्ञानिकों की भूमिका

अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना की और उनसे नई किस्मों को विकसित करने का आग्रह किया जो कम पानी में अधिक उपज दे सकें और कीटों के प्रति प्रतिरोधी हों। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनानी होगी।

चौहान ने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से भारत जल्द ही दलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।