Jabalpur Raipur Four Lane Road : मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। जबलपुर से रायपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर 150 किलोमीटर लंबे हिस्से को फोरलेन बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिसके पूरा होने पर जबलपुर से मंडला होते हुए चिल्पी तक का सफर 3 घंटे से घटकर महज डेढ़ घंटे का रह जाएगा।
इस परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने का काम शुरू कर दिया है। यह नई सड़क न केवल समय बचाएगी, बल्कि सफर को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक भी बनाएगी।
जाम से मिलेगी निजात
वर्तमान में जबलपुर से रायपुर जाने वाला यह मार्ग टू-लेन है। सड़क संकरी होने और तीखे मोड़ों के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है और सड़क हादसों का खतरा भी अधिक होता है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनती है। फोरलेन सड़क के निर्माण से इन सभी समस्याओं से स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।
नई फोरलेन सड़क आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसमें वाहनों के आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन, बीच में डिवाइडर, सर्विस रोड और स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। अभी टू-लेन सड़क पर वाहनों की औसत गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जो फोरलेन बनने के बाद बढ़कर 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। इससे यात्रियों का करीब डेढ़ घंटे का कीमती समय बचेगा।
सुरक्षा का खास ख्याल
चूंकि यह राजमार्ग घने जंगलों और वन्यजीवों के प्राकृतिक गलियारों से होकर गुजरता है, इसलिए परियोजना में पर्यावरण संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू ने बताया कि जंगली जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे।
इन अंडरपास और ओवरब्रिज से हिरण, तेंदुए और अन्य जानवर बिना किसी खतरे के सड़क पार कर सकेंगे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।
व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
यह फोरलेन परियोजना सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी एक बड़ा कदम साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के इलाकों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। यह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











