इंदौर में 350 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा 6.5 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, जाम से मिलेगी मुक्ति

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By Raj RathorePublished On: February 8, 2026
Indore Elevated Corridor

Indore Elevated Corridor : इंदौर शहर में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। LIG चौराहे से नौलखा के बीच बनने वाले 6.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब ₹350 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से लाखों वाहन चालकों को रोजाना के जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

शनिवार को प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री विजयवर्गीय ने परियोजना की प्रगति पर चर्चा की और इसे समय पर पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।

चार साल से अटकी थी परियोजना

यह एलिवेटेड कॉरिडोर इंदौर के लिए एक बहुप्रतीक्षित परियोजना रही है, जो पिछले लगभग चार वर्षों से विभिन्न कारणों से अटकी हुई थी। प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं के चलते इसका काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लेकिन अब सरकार के सक्रिय हस्तक्षेप के बाद इसे फिर से शुरू किया गया है, जिससे शहरवासियों में उम्मीद जगी है।

क्या है इस कॉरिडोर की खासियत?

यह कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक, एबी रोड के ऊपर बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 6.5 किलोमीटर होगी और यह LIG चौराहे से शुरू होकर नौलखा चौराहे तक जाएगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹350 करोड़ है। इसके बन जाने से इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

  • लंबाई: 6.5 किलोमीटर
  • रूट: LIG चौराहा से नौलखा चौराहा
  • अनुमानित लागत: ₹350 करोड़
  • उद्देश्य: ट्रैफिक जाम को कम करना और यात्रा का समय घटाना

समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परियोजना में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन और निर्माण के दौरान नागरिकों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने के भी निर्देश दिए।

इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल इंदौर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि यह शहर के विकास और अधोसंरचना को भी एक नई मजबूती प्रदान करेगा।