मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी करें। आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करे। जिला स्तर पर अधिकारियों को लगातार भ्रमण करने और मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण, अपराधियों पर शिकंजा
त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुख्यात अपराधियों और क्षेत्र के सक्रिय असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को कहा गया है कि संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और संभावित उपद्रवियों के खिलाफ पहले से ही निवारक कार्रवाई की जाए। शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है, ताकि किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो।
होली और रमजान साथ, प्रशासन को विशेष सतर्कता
अगले सप्ताह होली के साथ ही रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है। ऐसे में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। रंग खेलने के दौरान कई बार छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन जाती है, जिसे देखते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोनों समुदायों के बीच भाईचारा और शांति कायम रहे।
पुलिस बल की छुट्टियां रद्द, चौबीसों घंटे निगरानी
त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां पहले ही निरस्त कर दी गई हैं। सभी को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने और चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश हैं। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि आमजन सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते टाला जा सके।










