इंदौर निगम परिषद में इस बार महिलाओं का दबदबा, जानिए कितनी सीट पर है महिला पार्षद

मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में वैसे तो 50 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण रखा गया है।

मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में वैसे तो 50 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण रखा गया है। इसके चलते इंदौर के 85 वार्डों में भी 42-43 महिला पार्षदों को टिकट दिया गया था, लेकिन इस बार कुछ सामान्य वार्डों में भी महिलाओं को प्रत्याशी के रूप में दोनों दलों की तरफ से बनाया गया। नतीजतन 45 वार्डों में महिला पार्षद चुनाव जीती हैं और उसकी तुलना में पुरुष 40 वार्ड में ही पार्षद बन सके हैं। यानी निगम परिषद में महिलाओं का दबदबा इस बार अधिक रहने वाला है। इस बार महापौर प्रत्याशी तो सामान्य पुरुष ही आरक्षित हुए थे। हालांकि पिछले निगम चुनाव में महिला महापौर का पद आरक्षित था, जिसके चलते विधानसभा 4 की श्रीमती मालिनी गौड़ को टिकट मिला और वे महिला महापौर के रूप में निर्वाचित हुईं।

Also Read – पिता सैफ के खिलाफ जाकर रणवीर सिंह से शादी करना चाहती है सारा अली खान? जाने क्या है पूरा मामला

इस बार महापौर तो पुरुष निर्वाचित हुए, लेकिन वार्ड पार्षदों में महिलाओं की संख्या अधिक है। पुरुष की तुलना में 5 महिला पार्षद इस बार अधिक चुनी गई है। दरअसल आधे वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, लेकिन कुछ सामान्य वार्डों पर भी कांग्रेस और भाजपा ने महिला उम्मीदवारों को पुरुषों के मुकाबले उतारा और उन्हें जीत भी हासिल हुई है। इस बार 45 वार्डों में महिलाओं ने बाजी मारी और 40 पर पुरुष पार्षद चुनाव जीते हैं। यानी इस बार की चुनी हुई निगम परिषद में महिला पार्षदों का बोलबाला रहेगा। वार्ड क्र. 10 बाणगंगा से कांग्रेस की विनितिका यादव ने हैट्रिक लगाई है। वे लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गईं और उन्होंने इस बार भी 5 हजार 41 मतों से अच्छी जीत हासिल की। हालांकि वार्ड 1 में अवश्य उलटफेर हुआ, जहां पिछली बार की पार्षद प्रीति अग्निहोत्री को चुनाव हारना पड़ा और यहां से भाजपा के पुरुष प्रत्याशी महेश चौधरी 1179 मतों से जीते। प्रीति अग्निहोत्री की ओर स रीकाउंटिंग की अपील भी की गई थी, मगर कलेक्टर ने उसे निरस्त कर दिया।