नितिनमोहन शर्मा

में जब विजय नगर से कार से जा रहा था तब देखा की मदिरा की दुकान पर अधनंगे बदन में वेस्टर्न कपड़े पहने लड़को से ज्यादा लड़कियां वहां थी। तब में चौक गया। मैंने कहा की ये इंदौर की लड़कियां नही हो सकती है ये तो माँ अहिल्या की पवित्र नगरी है…. यहाँ क़े ऐसे संस्कार नही है। ये यकीनन बाहर से आई वो लड़कियां हैं जो पढ़ाई क़े नाम पर इंदौर आयी हैं औऱ यहाँ की फ़िजा खराब कर रही है ये बन्द होना चाहिए। ये चिंता उस व्यास पीठ की है जिसे सुनने, देखने बीते 6 दिनों से हजारों लाखों लोग पहुंच रहे हैं। व्यास पीठ में जो विराजमान है..वे अब जन जन की आस्था और विश्वास के मान बिंदु हो चुके है।

सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा। गोवर्धननाथ मंदिर वाले पंडित मिश्रा। शिव महापुराण में उमड़ रहे जनसैलाब के बीच पंडित मिश्रा ने व्यास पीठ से उस बात पर चिंता जताई, जो खुलासा फर्स्ट ने सामाजिक सरोकार के तहत सबसे पहले जाहिर की थी। नाईट लाइफ के नाम से शहर में पसरते उस नाईट कल्चर के ख़िलाफ़ खुलासा ने शंखनाद किया था…जिसमे ड्रग है। पब है। शराब है। अधनंगे बदन है। झूमती-लड़खड़ाती, गिरती – पड़ती लड़के-लडकिया है। सरे राह सिगरेट फूंकती किशोरियां है। सड़क पर लड़ते झगड़ते युवा है। नशे में फर्राटा मारते नोजवान है।

शिव महापुराण की व्यास पीठ से इन सब बातों को लेकर चिंता जाहिर की गई। जब कथा स्थल पर पंडित मिश्रा ने ये विषय लिया…पांडाल में सन्नाटा खींचा गया। महाराजश्री ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए वो किस्सा सुनाया जो शुरुआत में लिखा है। समूचे सदन ने करतल ध्वनी से पँडित जी की चिंता में अपनी चिंता भी जाहिर की। ये इंदौर के लिए भी अब शर्म के साथ चिंता का विषय है कि आखिर इंदौर को नाईट लाइफ के नाम पर सरकार ने क्या दिया? जो व्यास पीठ को भी बोलने पर विवश कर दिया। देवी अहिल्या की नगरी नंगाई की करतूतों से देशभर में यू ही शर्मसार है। अब संत महात्मा ओर कथाकार भी चिंता जाहिर कर रहे है। व्यास पीठ की इस चिंता ने ‘संस्कारो वाली भाजपा सरकार’ पर नैतिक दबाव बना दिया है। अब देखना है कि शहर में नशे वाली रँगीन ओर बेलगाम रातें कब तक कायम रहती है?