15 प्रतिशत पदों पर ही होंगे तबादले, सरकार के आदेश से कर्मचारी हुए नाराज

15% का नियम लागू करें तो इनमें से कई पदों पर एक भी तबादला नहीं हो पाएगा , लेकिन अब इसे में 15% कर्मचारियों के तबादले कैसे होंगे यह बड़ी मुसीबत बन गई है।

कोरोना काल के वजह से सरकारी कर्मचारियों के तबादले की फाइल अटक गई। लेकिन अब इस साल 15 % कर्मचारियों का तबादला करने का आदेश परिवहन विभाग के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। दरअसल उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के मुताबिक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर 10 अधिकारी तैनात हैं। इनमें से एक सुगम से दुर्गम के पात्र हैं, तो तीन दुर्गम से सुगम के पात्र हैं। 15% के क्राइटेरिया के हिसाब से देखें तो केवल 1.5 कर्मचारियों के ही ट्रांसफर हो सकेंगे।

कर्मचारियों का तबादला करने का यह आदेश परिवहन विभाग के लिए अब मुसीबत बन गया है। क्योंकि इस क्राइटेरिया के हिसाब से कई पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के तबादले नहीं हो पाएंगे। परिवहन कर्मचारियों ने मांग की है कि निर्धारित 15% से अधिक तबादले किए जाए। लेकिन अब यह करना एक बड़ी समस्या है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो और बड़ी समस्या हो सकती है। ऐसे हालात में अगर उन्हें इस बार भी सुगम में आने का मौका नहीं मिला तो यह नियम का उल्लंघन हो जाएगा क्योंकि इन लोगों की मांग है कि मुख्य सचिव के निर्देश के तहत जरूरत पड़ने पर 15% से अधिक तबादले किए जा सकते हैं।

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इस लिहाज से परिवहन विभाग में भी अधिक तबादले किए जाए इस प्रकार वरिष्ठ प्रशासनिक 24 में से 9 सुगम से दुर्गा और दो दुर्गम से शुभम के पात्र हैं प्रशासनिक अधिकारी के 23 में से 17 सुगम से तो दुर्गम और चार दुर्गम से सुगम के पात्र हैं प्रधान सहायक के पद पर 53 में से 37 सुगम से दुर्गम और शुभम से दुर्गम के पात्र हैं वरिष्ठ सहायक के पद पर 90 में से 42 सुगम से दुर्गम और सत्ताविस दुर्गम से सुगम के पात्र हैं ऐसे में कनिष्ठ सहायक के 24 में से एक सुगम से दुर्गम और दो दुर्गम से सुगम के पात्र हैं इन सभी पर 15% का नियम लागू करें तो इनमें से कई पदों पर एक भी तबादला नहीं हो पाएगा उनका कहना है कि इनमें ऐसे कई कर्मचारी हैं जो निर्धारित 10 साल की बजाय दुर्गम में 14 से 15 साल सेवाएं दे चुके हैं। लेकिन अब इसे में 15% कर्मचारियों के तबादले कैसे होंगे यह बड़ी मुसीबत बन गई है।