संजय शुक्ला ने साधा कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना, बोले-जनता की सेवा के लिए कोई डिग्री नहीं बल्कि जिगर चाहिए…

संजय शुक्ला ने कैलाश विजयवर्गीय को आड़े हाथ लेकर उनके जवाब पर पलटवार किया। इस दौरान संजय शुक्ला के कहीं बातों को लेकर निशाना साधा।

इंदौर: कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला जनता के बीच पहुंचकर जीत का आशीर्वाद ले रहे है। जनसंपर्क में के दौरान भी जनता के बिच जानकर उनकी समस्याओं को देखा और निराकरण का आश्वासन दिया। लेकिन अब संजय शुक्ला ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए पलट वार किया। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय को आड़े हाथ लेते हुए जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी है जो आपके बल्लेबाज नेता पुत्र में तो नजर नहीं आते! आपकी राजनैतिक वरिष्ठता और आपकी भाषा भी कहीं से मेल नहीं खाती है। जब कोरोना काल में इंदौर की जनता तड़प रही थी, लोग खाने के लिए भटक रहे थे, इंजेक्शन के लिए, ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे थे तब आप कहां थे? और आपके अंग्रेजी पढ़े-लिखे नेता और उनकी डिग्री कहां गई थी? आप भी तो कहीं नजर नहीं आए?

कैलाश पर निशाना साधते हुए संजय शुक्ला ने आगे कहा कि “चार किताब पढ़ लेने से कोई ज्ञानी नहीं हो जाता, क्योंकि उसमें ज्ञान है तो झुक जाता है, आपकी तरह घमंड की भाषा नहीं बोलता। लानत है ऐसी पढ़ाई पर जो मुसीबत के समय में जनता के काम न आए। जनता की सेवा के लिए कोई डिग्री नहीं बल्कि जिगर चाहिए, जो ना आप में है और ना ही बीजेपी के अंग्रेजी बोलने वाले नेताओं में। कोरोना के संकट काल में बीजेपी के पढ़े-लिखे नेता घरों में दुबके बैठे थे। जनता के बीच उनका ही बेटा खड़ा था। अस्पताल में भी इसी बेटे ने साथ दिया, श्मशान में भी उनके साथ खड़े होकर उनके आंसू पौंछ रहा था”।

संजय शुक्ला ने आगे कहा कि ‘मुझे आपसे इतनी ओछी बात की उम्मीद नहीं थी। लेकिन अच्छा यह बताए कि आप कितना पढ़े लिखे हैं? मालिनी गौड़, कृष्णमुरारी मोघे कितने पढ़े लिखे हैं। भाजपा के जितने भी नेता है उनकी शिक्षा कितनी है। संजय शुक्ला ने आगे कहा कि भाजपा के कितने मेयर लंदन जाकर आए हैं?आप कितनी बार गए, लेकिन मुझे मौका मिला तो मैं ऐसे ही जाऊंगा,अपनी हिंदी और हिंदुस्तानी मिट्टी की महक लेकर, हिंदुस्तानी सभ्यता, संस्कृति और अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर जाऊंगा और माता-पिता के गुण भी गाऊंगा। जो भी लोग मुझसे मिलेंगे उनके माता-पिता का सम्मान करूंगा।

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मेरे माता-पिता का आशीर्वाद तो आप के साथ इंदौर की जनता पर भी है । मेरे ऊपर सिर्फ मेरे नहीं बल्कि आपके माता-पिता का भी आशीर्वाद है। क्योंकि मेरे लिए सभी के माता-पिता एक समान है फिर आपके माता-पिता हो, प्रधानमंत्री जी या शिवराज जी के। माता-पिता मेरे लिए सम्मानीय और पूज्यनीय है। क्योंकि मां तो मां होती है और आप उनका राजनीतिकरण मत कीजिए। माता-पिता का उपहास करके आपने इंदौर की सभी माताओं के साथ देश की सभी मांओं का अपमान किया है। यह हमारी संस्कृति में नहीं है, माता-पिता किसी के भी हो सभी के पूजनीय है और इससे बढ़कर कुछ भी नहीं है। आपने जो कहा है मुझे आपसे इस बात की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। लेकिन आपको अपनी जुबान पर लगाम नहीं है, यह बात अब जगजाहिर हो चुकी है। आप हमेशा अपने बनाए जाल में उलझ जाते हैं और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। इंदौर में महापौर उम्मीदवारों में काटे की टक्कर देखी जा रही है और दोनो ओर से एक दूसरे पर जमकर वार और पलटवार का दौर चल रहा है। संजय शुक्ला ने भी कैलाश विजयवर्गीय को कडा जवाब दिया है।