नई दिल्ली। लगातार 10वें महीने GST का रिकॉर्ड कलेक्शन हुआ है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर महीने में GST कलेक्शन 1.49 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। दिसंबर लगातार 10वां महीना है, जब जीएसटी राजस्व 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। वित्त मंत्रालय ने कहा, दिसंबर 2022 के दौरान एकत्रित सकल जीएसटी राजस्व 1,49,507 करोड़ रुपये है। इसमें सीजीएसटी 26,711 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 33,357 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 78,434 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर जमा किए गए 40,263 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 11,005 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर जमा किए गए 850 करोड़ रुपये सहित) शामिल हैं।

रविवार को फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि नवंबर की तुलना में दिसंबर महीने में GST कलेक्शन में 2.5% की ग्रोथ आई है। नवंबर 2022 में ग्रॉस GST कलेक्शन 1.46 लाख करोड़ रुपए रहा था। इससे पहले नवंबर में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 11 फीसदी बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये था। अप्रैल में कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहंच गया था। अब तक का दूसरा सबसे बड़ा जीएसटी कलेक्शन अक्टूबर में 1.52 लाख करोड़ रुपये रहा है।

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वित्त मंत्रालय ने कुछ महीने पहले कहा था कि जीएसटी काउंसिल के लिए फैसले का साफ असर दिखने लगा है। जीएसटी काउंसिल ने पिछले कुछ महीनों के दौरान बेहतर अनुपालन के लिए कई उपायों की पहल की। जीएसटी का कलेक्शन उस वक्त बढ़ रहा है, जब रिजर्व बैंक लगातार रेपो रेट में इजाफा कर रहा है।

जानकारी के लिए आपको बता दे कि GST एक ऐसा टैक्स है, जो भारत में प्रॅाडक्ट और सर्विस की सप्लाई पर लगता है। इसको 2017 में लागू किया गया था। भारत में GST की रजिस्ट्रेशन लिमिट पहले 20 लाख रुपये थी। अब इसको बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया है। अब 40 लाख रुपए से ज्यादा के कारोबार करने वाले सभी व्यवसायों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना जरुरी है।

कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 2 साल के अंतराल के बाद वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी के 3 फीसदी से ज्यादा हो गया। यह वृद्धि वस्तुओं और सेवाओं की मांग में वृद्धि से भारतीय उद्योग जगत के मुनाफे में सुधार को दर्शाती है। हालांकि, कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन वित्त वर्ष 2018-19 में दर्ज किए गए जीडीपी के मुकाबले 3.51 फीसदी के स्तर से अभी भी कम है।