Breaking News

मुझे भी कुछ कहना है, अवाम को चुनाव प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है!

Posted on: 30 Apr 2019 11:05 by Surbhi Bhawsar
मुझे भी कुछ कहना है, अवाम को चुनाव प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है!

सतीश जोशी

भारत जैसे विशाल देश में आम चुनाव एक बड़ी चुनौती है, टी.एन. शेषन का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि एक व्यक्ति ने अपने अदम्य साहस, इच्छाशक्ति से चुनाव प्रक्रिया को साफ सुथरा किया और प्रचार के भोंडे प्रदर्शन, पैसे के खुले खेल को लगभग समाप्त कर दिया। शराब, शबाब, दौलत के गुप्त चुनावी कनेक्शन से अभी भी इकार नहीं कर सकते। मतगणना की उबाऊ प्रक्रिया पर ईवीएम मशीन ने गति दी और मतगणना को कुछ घंटों में सीमित कर दिया। बैलेट से मतदान की खामियों, बूथ पर कब्जे और सामूहिक ठप्पे लगाने की गंडाई राजनीति पर ईवीएम मशीन भारी पड़ गई।

दुनिया भर में मतदान, मतगणना प्रक्रिया की तारीफ हो रही है, तब हमारे देश का विपक्ष इस पर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर क्यों? उनके सवालों को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया, कई-कई बार सुनवाई हुई, उसके पहले चुनाव आयोग ने भी उठ रहे सवालों पर प्रमाण मांगे, सबको अपनी बात कहने, साबित करने का अवसर दिया, मगर वही ढाल के दो पात। आरोप सिर्फ थोथा चना बाजे घना ही निकला। विपक्ष ने फिर तीन चरण के मतदान के बाद फिर ईवीएम, वीवीपेट पर सवील खड़े किए हैं। सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात हो रही है, चुनाव आयोग को फिर आवेदन किए जा रहे हैं। फिर प्रमाण दिए जा रहे हैं।

बीच चुनाव में एेसे सवालों के राजनीतिक निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं। चुनाव में विपक्ष के सफाये से भी जोड़ा जा रहा है। बहरहाल एक तरफ चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सभाओं में वार-प्रतिवार जारी है। एक दूसरे पर झूठ बोलने के आरोप लग रहे हैं। जिन लेगों ने गुजरात में बीजेपी को विधानसभा चुनाव में नाकों चने चबवा दिए वह कांग्रेस भी ईवीएम पर सवाल खड़े कर रही है। कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भाजपा से सत्ता छीनने वाले ईवीएम पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। तेलंगाना में जीतने वाले भी ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। केजरीवाल ने सत्तर में से सुनसठ सीटें दिल्ली में जीत ली वे भी ईवीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क्यों? पंजाब में कांग्रेस ने जीत हांसिल की फिरभी ईवीएम बेईमान क्यों?

झूठ पर झूठ आधारित चुनाव प्रचार पर किसी को कुुुुछ नहीं कहना, अपनी- अपनी रणनीति, पर नैतिकता का तकाजा है कि राजनीतिक दल चुुुनाव जीतने के लिए इस तरह के रास्ते अपनाकर खुद का कितना भला कर रहे हैं, यह वे जाने, मगर देश की दुनिया में बदनामी जरूर कर रहे हैं। पिछले कई दशकों में हमारे चुनाव सुधार, चुनाव प्रक्रिया में निरंतर सुधार ने दुनिया का ध्यान खींचा है, वहीं भारतीय लोकतंत्र की वाहवाही हो रही है, तब हमारा विपक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल कर कितना उचित नहीं कर रहा है? ईवीएम, वीवीपेट मशीनों को लेकर उठ रहे सवाल चुनाव सुधार की दिशा में न होकर राजनीतिक सवाल ज्यादा लग रहे हैं, यह भारत का मतदाता समझ गया है और उसके मन में इसको लेकर कोई शंका नहीं है। भारत की न्याय प्रणाली की तरह ही चुनाव प्रक्रिया पर देश की अवाम को पूर्ण विश्वास है, भले ही विपक्ष कितने ही सवाल उठाए या जोर-जोर से चिल्लाए।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com