हरियाणा में किसानो के द्वार धान खरीदी को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। उन्होंने दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर नाकेबंदी करके पुरे रास्ते को बंद कर दिया था। लेकिन अब सरकार ने उनके मांगे मान ली है और तुरंत धान खरीदने के आदेश दिया हैं। उसके बाद से प्रदर्शन बंद कर दिया गया हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम खत्म

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शाहाबाद के समीप दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर डटे किसान अब नाकेबंदी हटाने को तैयार हो गए हैं। हरियाणा सरकार से धान खरीद को लेकर बात बनने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम खत्म कर दिया और नाकेबंदी हटाने को राजी हो गए। बता दें कि सरकार ने किसानों की वह बात मान ली है, जिसमें किसानों कहा था कि सरकार धान की खरीद तत्काल शुरू करे।

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय किसान संघ (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चडूनी ने कहा कि, हमने जिला प्रशासन के साथ बातचीत की है और उन्होंने सुनिश्चित किया है कि धान की खरीद तुरंत शुरू हो। हमारी मांगें मान ली गई हैं, हमने सड़क पर से नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। बता दें कि, किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर एनएच पर पुलिस की भी भारी संख्या में मौजूदगी थी।

अक्टूबर से शुरू होगी और धान खरीदी

दरअसल, कुरुक्षेत्र जिले में शाहाबाद के समीप शुक्रवार को किसानों के एक समूह ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था। हरियाणा में धान समेत खरीफ फसलों की खरीद एक अक्टूबर से शुरू होगी और धान खरीद न होने से ये किसान गुस्से में थे। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई हरियाणा बीकेयू (चडूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चडूनी ने की।

बदलना पड़ा रास्ता

प्रदर्शन स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए चडूनी ने कहा कि सरकार को तत्काल खरीद प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। इस प्रदर्शन के चलते राजमार्ग पर यात्रियों को परेशानी हुई और पुलिस को रास्ता बदलना पड़ा। वहीं, बीते दिनों जारी एक सरकारी बयान के अनुसार धान, जौ, मक्का, मूंग, सूर्यमुखी, मूंगफली, तिल, अरहर और उड़द जैसी फसलें विपणन मौसम 2022-23 के दौरान खरीदी जाएंगीं और मंडियों में सुचारू खरीद के लिए समुचित प्रबंध किया गया है।