आज भी हर मैच में बल्ला बदल इन लोगों का कर्ज चुकाते है माही

0
45
ms dhoni

नई दिल्ली: भारत को क्रिकेट में दो बार विश्व विजेता बनाने वाले, पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाने वाले और मैदान पर अपने चौके-छक्कों से सबकों अपना फैन बनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी का आज जन्मदिन है। एक गरीब परिवार से क्रिकेट के मैदान तक पहुँचने के लिए धोनी ने कई कठिनाइयों का सामना किया है। इस वर्ल्ड कप में भले ही वह धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचना झेल रहे है।

यदि ध्यान दिया जाए तो धोनी टूर्नामेंट में मैच के दौरान तीन अलग-अलग स्पॉन्सर वाले बल्लों से खेल रहे हैं। जब भी वह बैटिंग के लिए मैदान में उतारते है तो उनके हाथ में जिस भी स्पॉन्सर का बल्ला होता है वो बैटिंग के दौरान और पारी के खत्म होने के दौरान बदल जाता है।

खासतौर पर धोनी SS, SG तो कभी BAS कंपनी के बल्‍ले के साथ दिखाई देते है। धोनी के तीन तरह के बल्ले से खेलने केपीछे का राज उनकी बायोपिक ‘एमएस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी’ में उनके मैनेजर अरुण पांडे ने खोला है।

अरुण पांडे ने बताया था कि ‘धोनी वर्ल्ड कप में तरह-तरह की ब्रांड वाले बल्लों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन वह उसके लिए पैसे नहीं ले रहे। बस वह अपने करियर के कई चरणों में मदद के लिए उनका धन्यवाद कर रहे हैं। धोनी का दिल बहुत बड़ा है. उनको पैसों की जरूरत नहीं है, उनके पास काफी पैसा है। BAS उनके साथ शुरुआत से जुड़ा हुआ है और SG ने भी उनकी काफी मदद की है।’

2004 में इंटरनेशनल में डेब्यू के दौरान धोनी BAS के बल्ले से खेलते थे। क्रिकेट के मैदान पर धोनी ने कई कंपनियों के बल्ले से खेला लेकिन अपने करियर के आखिरी दिनों में उन तीन कंपनियों के बल्ले से खेल रहे है जिसने उन्हें सबसे ज्यादा खेल में सहारा दिया।

वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में जब श्रीलंका के खिलाफ छक्का लगाकर धोनी ने भारत को जीत दिलाई थी, धोनी का वह बल्ला 1.11 करोड़ में नीलाम हुआ था। क्रिकेट के इतिहास में धोनी का यह बल्ला सबसे महंगे बल्लों में गिना जाता है। पिछले साल धोनी को स्पार्टन के बल्ले से खेलते देखा गया था लेकिन कंपनी ने धोनी को इसकी तय रकम नहीं दी। जिसके बाद धोनी ने उसपर केस भी किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here