मध्य प्रदेश (MP) के मौसम (Weather) में परिवर्तन साफ़ नजर आने लगा है। मानसून और बारिश की प्रदेश से जहां विदाई हो चुकी है, एक बार फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रदेश के मौसम में अब हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो चूका है। एक तरफ जहाँ प्रदेश के विभिन्न जिलों में रात का पारा लुढ़कने लगा है, वहीं सुबह और शाम को भी अब ठंडक का दौर शुरू हो चूका है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में रात के समय न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर चूका है, जो कि प्रदेश के मौसम में अच्छी ठंड की शुरुआत मानी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात की वजह से 12 से 15 दिसंबर के बीच बारिश की संभावना है।

जानिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के तापमान में 13 दिसंबर से और गिरावट आने की संभावना है। जबकि 15 दिसंबर के बाद से ठंड बढ़ जाएगी। अगले कुछ दिनों में दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 दिसंबर से ठंड बढ़ेगी। 16 दिसंबर तक अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

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इस वजह से बढ़ेगी सर्दी

IMD के मुताबिक पहाड़ों में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले हफ्ते से कम होने पर मौसम यू टर्न लेगा और न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे लुढकेगा। यानी सर्दी अपने आप बढ़ जाएगी। इसके बाद दिल्ली का तापमान करीब 5-6 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है जबकि अभी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आस-पास है। दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री कम 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिल्ली के कई मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री से ऊपर ही दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज से सुबह के समय कोहरे का असर बढ़ सकता है।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश में दिन का पारा 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। सोमवार से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ के पारे में भी गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। मौसम वैज्ञानिक लगातार चौबीसों घंटे बादलों, तापमान, हवाओं और चक्रवात का आकलन कर हर दिन मौसम का पूर्वानुमान यानी फोरकास्ट करते हैं। हालांकि कई बार उसके पूर्वानुमान फेल भी हो जाते हैं। यह पूर्वानुमान एक कोड पर बनते हैं। कोड में दिन के मौसम की स्थिति का सटीक आकलन कर डाटा भरा जाता है। इसकी मदद से सुपर कंप्यूटर मौसम का पूर्वानुमान लगाता है।