विश्व जैन संगठन की इंदौर इकाई के प्रमुख जे के जैन, नकुल पाटोदी तथा स्वप्निल जैन ने एक बयान में बताया की केन्द्र सरकार व झारखंड सरकार ने ऐसी कोई घोषणा नहीं कि है जैसा प्रचारित किया जा रहा है, ना ही किसी प्रकार का अधिकारिक पत्र जारी किया है।

मीडिया के माध्यम से झूठ फैलाया गया कि झारखंड सरकार ने पर्वतराज को पर्यटन स्थल न बनाने का निर्णय ले लिया है ,जो पूरी तरह फेंक है। समाज जन देशभर में रैलियाँ, ज्ञापन, धरने, मौन प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक केन्द्र सरकार गजट नोटिफिकेशन रद्द नहीं करती और पुनः गजट नोटिफिकेशन कर यह प्रकाशित नहीं करती कि पूरा पर्वतराज जैनियों का है तब तक चुप नहीं बैठेगे।

नकुल पाटोदी ने कहा कि देश में मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाकर आंदोलन को नष्ट करने का प्रयास है, जिससे समाज जनों में आक्रोश है। सम्पूर्ण पर्वतराज श्री सम्मेद शिखर में जैनियों की आस्था अनादिकाल से है। जिसे नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

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बता दें बीतें दिनों जैन समाज के तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी केंद्र व राज्य सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित कर दिया था जिसके बाद सम्पूर्ण जैन समाज में आक्रोश दिखा। बीतें दिन सम्पूर्ण जैन समाज ने देश भर में रैली निकाल प्रदर्शन किया और सरकर से मांग रखी कि सरकार अपना फैसला वापस ले। जिसके बाद यह खबर आयी कि झारखण्ड सरकार ने अपना फैसला वापिस ले लिया है।