नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य अरबाज़ अहमद मीर को आतंकवादी घोषित कर दिया है। अरबाज इस समय पाकिस्तान में है और वह जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। अरबाज़ अहमद मीर (Arbaz Ahmed Mir) को जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग (target killing) की साजिश रचने के लिए आतंकवादी घोषित किया गया है। अरबाज़ अहमद मीर लक्ष्य बनाकर हत्याएं करने में शामिल रहा है और कुछ महीने पहले जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में महिला अध्यापक आर. बाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता है।

अरबाज अहमद मीर को आतंकवाद निरोधक कानून गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि पीएएफएफ सुरक्षा बलों, राजनीतिक नेताओं और अन्य राज्यों से संबंध रखने वाले जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे नागरिकों को लगातार धमकियां दे रहा है।

Also Read – प्रवासी भारतीयो के लिए तैयार हुआ महाकाल लोक, हेल्प डेस्क के साथ 30 गाइड तैयार

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले (Kulgam District) के गुफबल गांव के रहने वाले मंजूर अहमद मीर का बेटा अरबाज़ अहमद मीर कश्मीर घाटी में आतंकवाद को फैलाने में शामिल है और सीमा पार से अवैध हथियार या गोला-बारूद या विस्फोटक ले जाकर आतंकवादियों का समर्थन करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए नोटिफिकेशन में इस संबंध में जानकारी दी गई।

जानकारी के लिए आपको बता दे कि केंद्र सरकार (central government) ने शुक्रवार को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) पर प्रतिबंध लगा दिया। पीएएफएफ को जम्मू-कश्मीर एवं अन्य स्थानों पर आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के चलते प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है। पीएएफएफ अन्य संगठनों के साथ भर्ती के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें हथियारों का प्रशिक्षण देने में संलिप्त रहा है। यह संगठन आतंकवाद में भी संलिप्त रहा है। इस संगठन ने भारत में आतंकवाद की विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया है।