हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) राज्य के मुख्यमंत्री और पार्टी नेता मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री के रूप में रविवार को दोपहर डेढ़ बजे शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में शपथ ग्रहण किया है। उनके साथ इस शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान कुछ कैबिनेट मंत्री ने भी शपथ लिया।

लेकिन क्या आप जानते है, एक साधारण बस ड्राइवर का बेटा सुक्खू हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बन गया है। तो आपको बता दें सुक्खू के लिए ये राजनितिक सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। हमीरपुर जिले में नादौन एरिया के सेरा गांव में 26 मार्च 1964 को जन्मे सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी पढ़ाई शिमला से की। इसके साथ ही यह भी बताया जाता है कि उनका बचपन शेरा गाँव में बिता जहाँ वह दूध भी बेचा करते थे।

दूध बेचने वाले से मुख्यमंत्री बनने का सफर

शिमला के संजौली सरकारी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान सुक्खू ने स्टूडेंट पॉलिटिक्स में कदम रखा। जहाँ कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में 17 साल की उम्र में NSUI ज्वाइन किया। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) से पोस्ट ग्रेजुएशन और LLB की। यूनिवर्सिटी में सुक्खू कॉलेज छात्र संघ के महासचिव और अध्यक्ष रहे।

इसी बीच पंडित सुखराम की बदौलत सुक्खू वर्ष 1989 से 1995 तक NSUI की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1999 से 2008 तक वह हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रमुख रहे। 2008 में वह पहली बार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के सेक्रेटरी बनाए गए। वर्ष 2012 में प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने के एक साल के अंदर, 2013 में हाईकमान ने सुक्खू को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बना दिया। वह 2019 तक पीसीसी प्रधान रहे। 28 अप्रैल 2022 को कांग्रेस हाईकमान ने सुक्खू को हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए गठित प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया।

पढ़ें सुक्खू के परिवार के बारें में

वही अगर बात करें उनके परिवार की तो चार भाई-बहनों में सुखविंदर सिंह सुक्खू दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई राजीव सेना से रिटायर हुए हैं। दो छोटी बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। 11 जून 1998 को सुखविंदर सिंह सुक्खू की शादी कमलेश ठाकुर से हुई। दो बेटियां है, जिनमें बड़ी बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहकर पढाई कर रही है।

ईमानदार नेता के तौर पर सुक्खू की छवि

सुक्खू की उनके विधान सभा क्षेत्र में काफी ईमानदार नेता के तौर पर छवि है। जहाँ क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि उन्होंने इलेक्शन में कोई भी फालतू पैसा खर्च नहीं किया। लेकिन वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जिनका कहना है वो अपने विधान सभा क्षेत्र से ज्यादा शिमला में रहते है। हालाँकि कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ यह भी कहते है कि उनके मुख्यमंत्री बनना चुनाव से पहले ही बनना लगभग तय था। जिसका कारण उनकी चुनाव के राजनीतिक संगठन में इनकी काफी अच्छी पकड़ बताया जाता है।

वीरभद्र सिंह के कड़े आलोचक रहे सुक्खू

सुक्खू को पार्टी के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह का आलोचक माना जाता था जिन्होंने पांच दशक से अधिक समय तक हिमाचल प्रदेश की राजनीति पर अपना दबदबा कायम रखा था। सिंह का पिछले साल निधन हो गया था। वीरभद्र सिंह की करिश्माई मौजूदगी के बिना इस राज्य में पार्टी की पहली जीत के साथ, सुक्खू को इस शीर्ष पद पर विराजमान करना यह स्पष्ट करता है कि पार्टी आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

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आपको बता दें हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री बने सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट में 11 मंत्री बनाए जा सकते हैं और मंत्री बनाए जाने की रेस में प्रदेश के सबसे बड़े कांगड़ा जिले से सुधीर शर्मा, चंद्रकुमार, संजय रत्न और आशीष बुटेल का नाम आगे चल रहा है। बिलासपुर से राजेश धर्माणी को मंत्री पद मिल सकता है।