हरिद्वार: मकर संक्रांति के दिन से ही कुंभ भरने लगता है। वही इस बार हरिद्वार में कुम्भ भरा है, जिसके बाद अब भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए स्नान की नई व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस का मानना है कि गंगा घाटों पर बुड़की लगाने वाले लोगों को ज्यादा देर रोकना यहां भीड़ को बेकाबू करने को न्यौता देना है। जिसके चलते यहां जाने वाले सभी श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य कमा सकें इसके लिए नई व्यवस्था लागू की है। जिसके तहत हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों में स्नान करने वाले श्रद्धालु तीन ही डुबकी लगा सकेंगे। डुबकी के बाद श्रद्धालुओं को गंगाजी से बाहर आना होगा, ताकि हरकी पैड़ी स्नान को पहुंच रहे प्रत्येक श्रद्धालु स्नान कर सकें। बता दे कि, इसके लिए पुलिसकर्मी सीढ़ियों पर ही तैनात रहकर लोगों को इस बात की जानकारी भी देंगे।

उल्लेखनीय है कि, मकर संक्रांति के साथ ही हरिद्वार कुंभ में डुबकी लगाने वालों की भीड़ पहुंचने लगती है। यहां पूरी दुनियाभर से लोग पहुंचते हैं। यही कारण है कि सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हरकी पैडी पर स्नान करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। बता दे कि,यहां हर पांच मिनट में हरकी पैडी पर 10 हजार लोग स्नान कर सकते हैं। कुछ पर्व स्नान पर इतनी भीड़ उमड़ती है कि हरकी पैड़ी और आसपास के घाट फुल हो जाते हैं। जिसकी वजह से घाट पूरे भर जाते है।

बता दे कि, कुंभ में डुबकी लगाने वालों की भीड़ काबू करने के लिए तीन डुबकी लगाने की योजना बनाई जा रही है। तीन डुबकियों से ज्यादा लगाने वालों पर पुलिस फोकस करेगी। यह नियम इसलिए बनाया गया है जिससे ज्यादा भीड़ एकत्रित न हो और हरकी पैड़ी पर हर कोई स्नान कर सकें। मान्यता है कि, कुम्भ में तीन डुबकी लगाने से तीनों लोकों का फल मिल जाता है।