सोना खदान की मत फैलाओ अफवाह, सारे दावे फेल, इतना निकलेगा Gold

यूपी के सोनभद्र जिले में अब तक की सोने की सबसे बड़ी खदान मिली है, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि, जितना सोना भारत के पास भंडारण में रखा है उससे भी 5 गुना अधिक सोना इस खदान में है।

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नई दिल्ली : यूपी के सोनभद्र जिले में अब तक की सोने की सबसे बड़ी खदान मिली है, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि, जितना सोना भारत के पास भंडारण में रखा है उससे भी 5 गुना अधिक सोना इस खदान में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब तीन हजार टन से ज्यादा का भंडार सोनभद्र की मिट़्टी के नीचे दबा हुआ है। यही नहीं सोनभद्र के नीचे दबी सोने की चट्टान के आकार के बारे में आप जानेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे। पूरी दुनिया में सोनभद्र का विषय चर्चा में बना हुआ है ऐसे में हाल ही में एक एजेंसी ने ऐसा दावा किया है जिससे जान सब ओर हैरान हो गए है।

दरअसल, जियोलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने खदान में 3000 टन नहीं, बल्कि सिर्फ 160 किलो सोना होने का दावा किया है। इस एजेंसी के निदेशक डॉ.जी.एस. तिवारी का कहना है कि, सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात जीएसआई नहीं मानता। सोनभद्र में 52806 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है न कि शुद्ध सोना। सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से प्रति टन सिर्फ 3. 03 ग्राम ही सोना निकलेगा। पूरे खदान से 160 किलो सोना ही निकलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि, सोनभद्र में सोने की तलाश अभी जारी है। जीएसआई का सर्वे अभी चल रहा है। वहां पर और सोना मिलने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन अभी जो अयस्क मिला है, उससे 160 किलो ही सोना निकलेगा। दरअसल, डॉ.जी.एस. तिवारी का आगे कहना है कि, जीएसआई द्वारा इस अन्वेषण की यूएनएफसी मानक की जी 3 स्तर की रिपोर्ट भूतत्व खनिक कर्म निदेशालय को भेजी गई है।

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इसके साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ की उक्त अन्वेषण रिपोर्ट के संबंध में नीलामी संबंधी कार्यवाही के लिए भूतत्व और खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ से गठित टीम द्वारा अन्वेषण किए गए क्षेत्र की भूमि से संबंधित रिपोर्ट निदेशालय को प्राप्त हुई है। आगे उन्होंने बताया कि, इस संबंध में सोनभद्र के जिलाधिकारी से भूमि संबंधी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है, उसके बाद क्षेत्र को भूराजस्व मानचित्र पर अंकित कर खनन के लिए उपयुक्त क्षेत्र की आवश्यक औपचारिकता पूरी करते हुए नीलामी की कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब है कि, सोने के भंडारण मामले में अमेरिका पहले नंबर पर है। वहीं जर्मनी दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा फंड है। इसके बाद इटली, फ्रांस, और रूस का नंबर आता है।