इसरो के ‘बाहुबली‘ पर सवार होकर चांद पर जाएगा चंद्रयान-2, बनेगा नया कीर्तिमान

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नई दिल्ली। भारत एक दिन बाद मतलब 15 जुलाई को एक और विश्व कीर्तिमान बनाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपना चंद्रयान-2 अभियान शुरू करेगा, जिस पर दुनियाभर के देशों की नजर रहेगी। 15 जुलाई को रात 2.51 बजे इसरो चंद्रयान-2 को चांद के लिए लांच करेगा। इसे चंद्रयान-2 को इसरो अपने बाहुबली रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 से चांद पर भेजेगा। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी।

इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन का कहना है कि भारत का दूसरा मून मिशन चंद्रयान-2 रोबोटिक अंतरिक्ष खोज में देश का पहला कदम है। देश के इस कारनामे पर दुनियाभर की नजर लगी हुई है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 के पास करीब 6000 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चांद की परिक्रमा करते हुए खुद अपनी रफ्तार को कम और ज्यादा करने की क्षमता होगी।

मिशन को लेकर लोगों में उत्साह

भारत के बड़े मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। इस कार्यक्रम को लाइव देखने के लिए अब तक 7,134 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके है। चंद्रयान-2 अभियान के लिए कानपुर आईआईटी ने इसरो की मदद की है। 2009 में कानपुर आईआईटी और इसरो के बीच दो एएमयू साइन हुए थे, जिसमें पहला एएमयू चंद्रयान-2 के लिए मैप बनाने का और दूसरा एएमयू रास्ता दिखाने का था, जिसे कानपुर आईआईटी के वैज्ञानिकों ने बनाकर इसरो को सौंप दिया।

विदेशी मीडिया ने बताया ‘एवेंजर्स एंडगेम‘

भारत के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 को लेकर विदेशी मीडिया ने तीखी प्रक्रिया व्यक्त करते हुए इस मिशन को हॉलीवुड फिल्म ‘एवेंजर्स एंडगेम‘ से कम खर्चीला बताया है। भारत इस मिशन की सफलता के साथ अपने अंतरिक्ष अभियान में अमेरिका, रूस और चीन के समूह में आ जाएगा। बताया जा रहा है कि चंद्रयान-2 की लागत करीब 12.4 करोड़ डॉलर है।

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