उज्जैन में बाबा महाकाल के अलावा इन ऐतिहासिक मंदिरों में बीता सकते है सुकून के पल

मध्यप्रदेश में शिप्रा नदी के किनारे एक प्राचीन शहर है उज्जैन। यह सदियों पुराने महाकालेश्वर मंदिर और बाबा महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है।

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इंदौर : मध्यप्रदेश में शिप्रा नदी के किनारे एक प्राचीन शहर है उज्जैन। यह सदियों पुराने महाकालेश्वर मंदिर और बाबा महाकाल की नगरी के नाम से जाना जाता है। बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए देश दुनिया से लोग यहां आते है। उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर के आलावा कुछ ऐसी ऐतिहासिक जगह हैं जो परमार वंश के भक्त के बने हुए हैं। इन प्राचीन मंदिरों और गुफाओं को निहारने के बढ़ आपका दिल बाग बाग हो जाएगा।

यदि आप बच्चों और परिवार के साथ कईं छुट्टियाँ बिताने की सोच रहे हैं तो उज्जैन के दर्शनीय स्थल आपके लिए उत्तम विकल्प साबित हो सकते हैं। उज्जैन में घूमने के लिए आप यहाँ की बस सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं। इसके इलावा आप उज्जैन के दर्शनीय स्थल को टेम्पो, रिक्शा आदि जैसे वाहनों से भी घूम सकते हैं। यह बस 37 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से हर रोज़ देवास गेट से सुबह 7 बजे और दोपहर 2 बजे चलती है। पूरा उज्जैन घूमने के लिए आपको कम से कम 3 दिन का समय लेकर आना होगा। ये है उज्जैन के प्रसिद्ध स्थल –

1 महाकालेश्वर मंदिर – उज्जैन को बाबा महाकाल की नगरी से जाना जाता है और यहां घूमने के लिए सबसे पहला स्थान बाबा महाकाल का ही आता है जो कि महाकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह उज्जैन के रेलवे स्टेशन से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। दरअसल, महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसलिए इसका महत्व और बाबा महाकाल के चमत्कार कई ज्यादा है। दरअसल, दक्षिणमुखी होने से इनका विशेष तांत्रिक महत्व भी है। इस मंदिर में भगवान शिव का एक स्वयंभू शिवलिंग है जो अपने आप इस जगह पर प्रगट हुआ था। बता दें कि यहां होने वाली महाकाल की आरती में सिले हुए कपड़े पहना मन है। आरती में शामिल होने के लिए यहां पुरुषों को धोती और महलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है। साथ ही भस्म आरती में शामिल होने के लिए बुकिंग करवाना अनिवार्य है।

2 हरिसिद्धी मंदिर – उज्जैन के दर्शनीय स्थल में दूसरा अहम स्थान देवी हरिसिद्धी मंदिर का है। दरअसल, शिव भगवान ने स्वयं चंडी देवी को हरिसिद्धी का नाम दिया था। इसलिए इसे 52 शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

3 मंगलनाथ मंदिर – मंगलनाथ मंदिर उज्जैन के दर्शनीय स्थल में से तीसरा महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है. कहा जाता है कि इस स्थान पर भगवान शंकर के एक अंश के गिरने से मंगल ग्रह का जन्म हुआ था। बात दें कि मंगल गृह पर शांति बनाए रखने के लिए यहाँ हर साल विशेष पूजन का आयोजन किया जाता है। यहां दूर दूर से लोग पूजा करवाने आते है। बता दें यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है।

4 चिंतामन गणेश मंदिर – भगवान गणेश का चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन के दर्शनीय स्थल में से चौथा महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि इस मंदिर में जो भी भक्त जाता है, उसकी हर प्रकार की चिंताएं दूर हो जाती है। भगवान शिव शंकर ने एक समय में गणेश जी को वरदान दिया था कि कोई भी शुभ कार्य गणेश भगवान के पूजन के बिना आरंभ नहीं किया जा सकता इसलिए इस मंदिर से गणेश भगवान के आशीर्वाद को ले कर ही यात्रा का प्रारंभ किया जाता है।

5 श्री गोपाल मंदिर – इस मंदिर का निर्माण महाराजा श्री दौलतरावजी सिंधिया की महारानी बायजाबाई द्वारा लगभग 250 वर्ष पहले कराया गया था। नगर के मध्य स्थित इस मंदिर में द्वारकाधीश की अत्यंत मनोहारी मूर्ति है। ये मंदिर उज्जैन के मध्य में बनाया गया है जहां उज्जैन का प्रसिद्ध मार्केट दिखाई देता है। इनके अलावा सांदीपनि आश्रम, इसककों मंदिर, काल भैरव, भारत माता मंदिर, राम मंदिर घाट भी उज्जैन के प्राचीन मंदिरों में शुमार है।

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