इस बेरहम दुनिया में किसी के सपनों और भावनाओं कि कद्र तो दूर किसी मासूम की जान की भी किसी को परवाह नजर नहीं आती। इसी बेरहमी की शृंखला में पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में 19 साल की अंकिता भंडारी रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। अंकिता भंडारी की कथित रूप से रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के पास चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी।

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1 सितंबर को ही ज्वाइन की थी नौकरी

अंकिता भंडारी के दोस्त पुष्प ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए बताया कि मैंने ही अंकिता को इस नौकरी के बारे में बताया था। नौकरी ज्वाइन करने के बाद अंकिता बहुत खुश थी क्योंकि ये उसकी पहली नौकरी थी। इस नौकरी के माध्यम से वो अपने माता पिता का सहारा बनना चाहती थी। लेकिन उसे क्या मालुम था की 10000 रुपए की इस नौकरी में सेलेरी से पहले उसकी मौत आ जाएगी।

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कोरोना में छूट गई थी पिता की नौकरी

अंकिता के दोस्त पुष्प ने न्यूज चैनल को बताया कि कोरोना काल में लाखों करोड़ों लोगों की तरह अंकिता के पिता की नौकरी भी चली गई थी और अंकिता की माँ एक आंगनवाड़ी में काम करती हैं। इसी वजह से अंकिता खुद नौकरी करना चाहती थी, जिससे माता पिता की आर्थिक सहायता हो सके। अंकिता ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी, इसी लिए रिजॉर्ट की यह नौकरी अंकिता को पसंद आ गई थी ।

कुछ दिनों में ही दिखाया रिजॉर्ट मालिक ने अपना रूप

अंकिता के रिजॉर्ट में नौकरी ज्वाइन करने के पहले हफ्ते तो सबकुछ ठीक रहा, मगर उसके बाद रिजॉर्ट के मालिक और बीजेपी नेता के बेटे पुलकित ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने जहाँ खुद भी अंकिता के साथ जबरजस्ती करने का प्रयास किया, वहीं होटल के गेस्ट के साथ भी अंकिता को गलत काम करने का दबाव डाला गया था, जिसके लिए इंकार करने पर पुलकित ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।