आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण पर गिरी गाज, योगी सरकार ने किया सस्पेंड

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Vaibhav Krishna

लखनऊ। नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। बता दे कि एसएसपी वैभव कृष्ण का एक महिला के साथ चैट का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद से ही वह विवादों में आए थे। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद उन्होने आईपीएस अधिकरी अजयपाल शर्मा, सुधीर सिंह, हिमांशु कुमार, राजीव नारायण मिश्रा और गणेश साहा पर षडयंत्र के तहत मॉर्फ्ड वीडियो बनाने और ट्रान्सफर-पोस्टिंग का धंधा चलाने का आरोप लगाया था।

वहीं वायरल वीडियो की जांच गुजरात के एक फोरेंसिक लैब द्वारा की जा रही थी। जिसकी रिपोर्ट आते ही वैभव कृष्ण को सस्पेंड कर दिया गया। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि यह वीडियो सही है और मॉर्फ्ड नहीं है। साथ ही वायरल वीडियो की एडिटिंग, कटिंग, मिक्सिंग और मॉर्फिंग नहीं की गई थी। वैभव ने खुद वायरल वीडियो को लेकर खुद एफआईआर दर्ज कराई थी। वायरल वीडियो की जांच एडीजी और आईजी को सौपी गई थी। वहीं वैभव कृष्ण ने पत्रकार वार्ता कर वीडियो को फर्जी बताया था, साथ ही शासन की ओर से भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट को भी लीक कर दिया था।

इतना ही नहीं सरकार ने गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर सिंह, रामपुर के एसपी अजय पाल शर्मा, सुल्तानपुर के एसपी हिमांशु कुमार सहित 14 आईपीएस अधिकारियोे के भ्ज्ञी तबादले किए हैं। वहीं खबरों की माने तो लखनऊ व नोएडा में कमिश्नर सिस्टम लागू किया जा सकता है। संभावना जताई जा रही थी कि डीजीपी ओम प्रकाश सिंह के लखनऊ लौटने के बाद इस पर अंतिम फैलला लिया जा सकता है, लेकिन अधिकारियों के बीच चली चर्चा के बाद भी निर्णय नहीं हो सका।

बता दे कि वैभव कृषण पर यह कार्रवाई अधिकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किए जाने के चलते करी गई है। प्रशासन की ओर से वैभव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। लखनऊ के एडीजी एसएन साबत इस मामले की जांच करेंगे।

योगी सरकार ने 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आते ही वैभव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच प्रभावित न हो इसलिए सभी पांचों पुलिस अफसरों को भी फील्ड से हटा दिया गया है और नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी संभालने का आदेश दिए हैं।