अमेरिका

गलवान घाटी में हमले के लिए चीन जिम्मेदार, कोरोना पर ध्यान भटकाने की कोशिश: अमेरिका

नई दिल्ली: गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हुए हमले के बाद भारत-चीन सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। 20 जवानों की शाहदत के बाद देश में गुस्सा है और चीन के बाहिष्कार की आवाजें तेज हो गई है। दूसरी ओर इस घटना पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योकि ये बहुत महत्वपूर्ण घटना है।

इसी बीच अमेरिका ने इस घटने के लिए सीधेतौर पर चीन को जिम्मेदार बताया है। अमेरिका ने कहा कि गलवान घाटी में जो कुछ भी हुआ उसके लिए पूरी तरह से चीन जिम्मेदार है। ऐसी हरकत कर चीन कोरोना वायरस से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

चीन दौरे पर थे अमेरिकी विदेश मंत्री

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो शक्रवार को चीन में थे। वहां उन्होंने चीन के बड़े राजनयीक यांग रेची से मुलाकात की। इस बैठक के बाद अमेरिकी अधिकारी डेविड स्टिलवेल ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘भारत-चीन सीमा पर इस तरह का गतिरोध पहले भी हुआ है जब साल 2015 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के दौरे पर गए थे। चीन की सेना इस बार काफी अंदर तक घुस आई थी। उनकी संख्या भी ज्यादा थी। इससे पहले हमने ऐसे ही हालात डोकलाम में देखे थे।’

ट्रंप की धमकी

अमेरिका और चीन में भी अभी तनी हुई है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के खिलाफ सख्त रूप अपनाए हुए है। गुरूवार को एक ट्वीट करते हुए ट्रंप ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अमेरिका चीन के साथ हर तरह के व्यापारिक संबंध खत्म करना चाहता है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि- अमेरिका के पास चीन से पूरी तरह से अलग होने का विकल्प है। ट्रंप ने एक ट्वीट के से अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर द्वारा एक दिन पहले दिए गए बयान का खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को अलग करना संभव नहीं होगा।’