इंदौर में निर्मित गारमेंट को देखने देश-विदेश से आएंगे व्यापारी, 60 साल बाद होगा रेडीमेड गारमेंट फेयर का आयोजन

60 वर्ष बाद पहली बार इस फेयर का आयोजन जुलाई के महीने में किया जा रहा है । यह फेयर 16 जुलाई से 18 जुलाई तक लाभ गंगा गार्डन मे आयोजित किया गया है । इस फेयर में इंदौर के 300 वस्त्र निर्माताओं के द्वारा अपने उत्पाद को प्रस्तुत और प्रदर्शित किया जाएगा ।

इंदौर। इंदौर रेडीमेड वस्त्र व्यापारी संघ के द्वारा 60 साल के बाद पहली बार जुलाई के माह में इंदौर में रेडिमेड गारमेंट फेयर का आयोजन किया जा रहा है। यह गारमेंट फेयर 16 जुलाई से शुरू होगा, जो कि 3 दिन तक चलेगा। इस फेयर में भाग लेने के लिए देश भर के व्यापारियों के साथ ही विदेश के व्यापारी भी बड़ी संख्या में इंदौर आएंगे।

यह जानकारी इंदौर रेडीमेड वस्त्र व्यापारी संघ के अध्यक्ष आशीष निगम व सचिव विशाल दासोद ने आज यहां एक पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि संघ के द्वारा हर 2 वर्ष में एक बार रेडीमेड गारमेंट फेयर का आयोजन किया जाता है। इस फेयर के आयोजन के पीछे उद्देश्य यह है कि इंदौर में निर्मित रेडीमेड गारमेंट को देश और दुनिया के गारमेंट व्यापारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। वैसे तो इंदौर देश का प्रमुख रेडीमेड गारमेंट का हब है, जिसके चलते हुए पूरे देश के व्यापारी खरीददारी करने के लिए इंदौर आते हैं। इस गारमेंट फेयर के माध्यम से एक ही स्थान पर इंदौर के सैकड़ों रेडीमेड वस्त्र निर्माता अपने उत्पाद को प्रस्तुत करते हैं।

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निगम ने बताया कि 60 वर्ष बाद पहली बार इस फेयर का आयोजन जुलाई के महीने में किया जा रहा है। यह फेयर 16 जुलाई से 18 जुलाई तक लाभ गंगा गार्डन मे आयोजित किया गया है। इस फेयर में इंदौर के 300 वस्त्र निर्माताओं के द्वारा अपने उत्पाद को प्रस्तुत और प्रदर्शित किया जाएगा। यह फेयर आम नागरिकों के लिए नहीं है। यहां पर आम नागरिकों को रेडीमेड गारमेंट का विक्रय करने का कार्य नहीं किया जाएगा। इस फेयर में देशभर के और विदेशों के व्यापारी आकर उत्पाद को देखेंगे और अपने ऑर्डर की बुकिंग कराएंगे।

निगम ने बताया कि दीपावली के सबसे बड़े त्यौहार को ध्यान में रखते हुए जुलाई के महीने में इस बार यह फेयर आयोजित किया जा रहा है। ताकि दीपावली के त्यौहार पर इंदौर के बाद वस्त्र निर्माताओं के पास भरपुर ऑर्डर रहे। निगम ने बताया कि हमेशा गारमेंट फेयर में भाग लेने के लिए दक्षिण भारत के व्यापारी बड़ी संख्या में आते रहे हैं। इस बार के फेयर में हमने विशेष कोशिश करके दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के व्यापारियों को भी बुलवाया है। यह व्यापारी पहले इंदौर के गारमेंट फेयर में आते थे लेकिन पिछले 20 सालों से इनके द्वारा इंदौर के फेयर से दूरी बना ली गई। अब इस बार के फेयर में यह सभी व्यापारी भाग लेने के लिए आ रहे हैं । इससे इस फेयर की सफलता के अवसर और बढ़ जाते हैं।

निगम ने कहा कि पूरे देश में मुंबई को रेडीमेड गारमेंट का सबसे बड़ा हब माना जाता है। इंदौर का स्थान उसके बाद आता है। नई डिजाइन, गारमेंट की क्वालिटी और रेट के मामले में हम मुंबई से भी आगे निकल रहे हैं। अब तक नई फैशन की नई डिजाइन देने का जो काम मुंबई करता था वह काम अब इंदौर के द्वारा अग्रणी रूप से किया जा रहा है। इंदौर के गारमेंट की कीमत भी बहुत रिजनेबल होती है। इससे भी इंदौर रेडीमेड गारमेंट फेयर की सफलता के दरवाजे खुलते हैं।

Source-PR