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भारत द्वारा खोजी गई यह चीजें आज इस्तेमाल कर रही है पूरी दुनिया,जानकर आप भी गर्व करेंगे

Posted on: 17 Aug 2018 22:32 by Lokandra sharma
भारत द्वारा खोजी गई यह चीजें आज इस्तेमाल कर रही है पूरी दुनिया,जानकर आप भी गर्व करेंगे

आज भारत को आजाद हुए 71 साल पूरे हो गए हैं। भारत पूरी दुनिया में अपनी विविधता की वजह से जाना जाता है। इसके साथ ही भारत को लोग यहां की संस्कृति और परंपरा के लिए भी जानते हैं। भारत कई मामलों में पूरी दुनिया में सबसे आगे हैं। जैसे अगर दिमाग की बात की जाए तो भारतीयों का दिमाग पूरी दुनिया में सबसे बेहतर होता है। भारत आज भी कई देशों से साक्षरता के मामले में काफी पीछे हैं, लेकिन कई मामलों में भारत दुनिया के कई देशों से बहुत आगे हैं। भारत के चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आज भी सबसे आगे बना हुआ है।

भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और सबसे तेजी से विकास करने वाले देशों में भी भारत सबसे आगे हैं। भारत ने दुनिया को कई चीजें दी है जिसकी वजह से दुनिया के कई काम आसान हुए हैं। भारत ने दुनिया को शून्य दिया है। पटना (पाटलिपुत्र) में जन्मे आर्यभट्ट ने 5वी शताब्दी में जीरो की खोज की और उन्होंने सबसे पहले बताया कि भारत अपनी धुरी पर घूमते हुए सूर्य का चक्कर लगाता है और चांद पृथ्वी का उपग्रह है जो पृथ्वी का चक्कर लगाता है। आज हम आपको 5 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दुनिया को भारत ने दिया है।

शैंपू

कई लोगों का यह मानना है कि सबसे पहले शैंपू का इस्तेमाल मिश्र सभ्यता में होता था। लेकिन सही बात तो यह है कि शैंपू का इस्तेमाल सबसे पहले 15 वी शताब्दी में भारत में किया जाता था। भारत में उस समय कई सौंदर्य प्रसाधन बनाए गए थे। उस समय बाल धोने के लिए फलों के गूदे का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें कोई जड़ी-बूटी भी मिलाई जाती थी। अंग्रेजों ने इस नुस्खे को यूरोप और इंग्लैंड में पहुंचाया उसके बाद पूरी दुनिया में शैंपू सामने आया।

इंजीनियर, खोजकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता मर्कोनी को पूरी दुनिया रेडियो जनक के रूप में जानती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने सबसे पहले मिलीमीटर रेंज रेडियो तरंग माइक्रोवेभ का इस्तेमाल बारूद सुलगाने और घंटी बजाने के लिए किया था। इसी माइक्रोवेभ के जरिए वायरलेस रेडियो ब्रॉडकास्ट का अविष्कार किया गया।

फाइबर ऑप्टिक्स

आज पूरी दुनिया इंटरनेट की दीवानी है। बिना इसके आज के समय कोई भी काम संभव नहीं है। लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि इसका श्रेय भारत को ही जाता है। पंजाब के मोगा में जन्मे नरिंदर सिंह नागनी ने ही फाइबर ऑप्टिक्स का अविष्कार किया था। इन्हें फाइबर ऑप्टिक्स की जनक कहा जाता है।

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