मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इन दिनों अलग ही अंदाज में नजर आ रहे है। उनका ये अंदाज़ लोगों को अनिल कपूर की फिल्म नायक के अवतार की याद दिला रहा है। मामा सिंघम बनकर अपराधियों और माफियाओं को धमकी देने वाले शिवराज अब नायक अवतार में दिख रहे हैं। वे भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपी अधिकारियों को मंच से ही सस्पेंड कर रहे हैं।

बीतें एक महीने में वे 15 से ज्यादा अधिकारियों के खिलाफ ऑन द स्पॉट कार्रवाई कर चुके हैं। शिवराज के बदले तेवरों से सरकारी अधिकारी परेशान नज़र आ रहे है। लेकिन सीएम के इस बदले स्टाइल का आगामी चुनाव पर कितना असर पड़ेगा ये देखना काफी दिलचस्प होगा। उनका ये बदला अंदाज़ युवाओं और प्रदेश की जनता की पहली पसंद बनकर भाजपा को जीत दिलाता है या फिर विपक्ष को सरकार बनाने का अवसर देता है।

मामा का स्टाइल दिला रहा लालू और माया की याद

राजनीती के जानकारों की मानें तो उनका यह अंदाज 1990 और 2000 के दशकों में लालू प्रसाद यादव और मायावती की कार्यशैली की यादें ताजा कर रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए ये दोनों नेता भी सरकारी अफसरों के खिलाफ अक्सर मंच से ही कार्रवाई का ऐलान करते थे। दरअसल, साल 1990 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने लालू प्रसाद यादव की अपनी अलग कार्यशैली थी। वे समाज के जिस तबके के समर्थन से सीएम बने थे, उसमें शिक्षा का स्तर बेहद कमजोर था। यह तबका सरकारी अधिकारियों से खौफ खाता था। इस खौफ को दूर करने के लिए लालू ने यह तरीका अपनाया था। वे अक्सर मंच से या लोगों की भीड़ के बीच ही डीएम और एसपी जैसे शीर्ष अधिकारियों को निलंबित कर देते थे।

शिवराज का ये अंदाज़ कितना दिखाएगी असर

हालाँकि, बिहार और यूपी में यह तरीका खास सफल नहीं रहा था। लालू के कार्यकाल को बिहार के लोग आज भी जंगलराज के रूप में याद करते हैं। लालू खुद भ्रष्टाचार के मामलों में कई साल तक जेल में रह चुके हैं। मायावती के शासनकाल में यूपी में भी भ्रष्टाचार कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब थी। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद मायावती पर भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे।

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सीएम शिवराज का भी इन दिनों यहीं अंदाज़ जनता को देखने को मिल रहा। बीतें दिन मुख्यमन्त्री ने मंच से ही निवाड़ी कलेक्टर कर ओरछा तहसीलदार को निलंबित का दिया। जिसकी वजह ये बताई गयी कि पिछले कुछ दिनों से इन दिनों अधिकारियों के खिलाफ काफी लापरवाही की शिकायतें देखने को मिल रही थी।