तोरण में दूल्हे (लड्डू गोपाल) को सोने के मोती में गठी हुई तुलसी की माला, मामा फेरे में दुल्हन (तुलसा जी) को चांदी की पायल व बिछुड़ी दी गई। तुलसी विवाह का यह कार्यक्रम राजस्थान के चितौड़ जिले के निम्बाहेड़ा में मन्त्री परिवार के यहां आयोजित था।

मंत्री परिवार के श्याम निशा मंत्री ने बताया कि यह तुलसी विवाह का मांगलिक कार्य पूर्ण रूप से एक व्यक्तिगत जीवन के विवाह की तरह तीन दिवसीय आयोजित किया गया था। इस मे प्रथम दिन परिवार द्वारा मूंग हाथ लिया गया,दिव्तीय दिवस माता पूजन,हल्दी, चाक, मेहँदी, व रात्री में पुष्कर के मारवाड़ी भजनों की श्याम मित्र मंडल की टीम द्वारा भजन संध्या तिरतीय दिन सगाई एंव मायरा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

मंत्री दम्पत्ति में बताया कि मायरा विदिशा (सांची) के राठी व गंजबासौदा के समदानी परिवार द्वारा लाया गया था।
आज सुबह 10 बजे निम्बाहेड़ा के हाथी वाला मंदिर से बैंड बाजा, भजन मंडली, ढोल नगाड़ों के साथ सुसज्जित विशाल रथ में लड्डू गोपाल की शाही बारात निकली जिसमे बाराती झूमते नाचते चल रहते बारात में उदयपुर,चित्तौड़,निम्बाहेड़ा के माहेश्वरी समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा राजनीतिक दलों के वरिष्ठजन भी शामिल हुए।

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3 घण्टे निकली इस विशाल बारात का मार्गो में अनेक स्थानों पर विभिन्न संगठनों ने मंच लगा कर भव्य स्वागत किया।
बारात के तोरण स्थल पर पहुचने घरातियो द्वारा अगवानी की गई। दूल्हे (लड्डू गोपाल) द्वारा वाघ यन्तत्रो की ध्वनि में तोरण मारा, तोरण मारने के बाद मामा फेरे,पेर धुलाई कर दूल्हा-दुल्हन को गणपति के समक्ष धोक दिलाई गई।

दोपहर 4 बजे पंडितों द्वारा फेरे रस्म अदायगी की गई। दूल्हा-दुल्हन को हथलेवा में सोने का मंगल सूत्र,नाक की नथ, पायजेब,बिछुड़ी,11 जोड़े पेरावनी,11 जोड़े कपड़े व नगदी दिए गए। बारात का स्वागत शिव सुषमा मंत्री द्वारा किया गया। अगवानी देवेन्द्र राधा ईनाणी, रोहित शिवानी साबू,आशीष स्वाति झंवर ने की। इस मांगलिक कार्य में सुनील समदानी,अशोक समदानी, सिद्धर्थ तोषनीवाल, सुशील राठी,स्वदेश मंत्री,साहेब मंत्री,श्रीनाथ मंत्री,दिलीप समदानी,राकेश व्यास आदि उपस्थित थे।