होली के त्यौहार से ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है। जो कि आज से शुरू हो चुका है। बता दे, इन 8 दिनों में सभी शुभ कामों पर रोक लग जाती है। ये फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से शुरू हो जाता है जो कि होलिका दहन तक रहता है, इसे होलाष्टक कहा जाता है। आज से शुरू हुआ होलाष्टक 28 मार्च तक रहेगा। इस समय में शुभ कार्य वर्जित माना जाता है। लेकिन इसमें जन्म और मृत्यु से जुड़े काज किए जा सकते हैं।

बता दे, 8 दिन तक मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। इसलिए इसमें शादी-विवाह, भूमि पूजन, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य, नया व्यवसाय या नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही होलाष्टक शुरू होने के साथ ही 16 संस्कार जैसे नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्यों पर भी रोक लग जाती है।

वहीं नव विवाहिताओं को इन दिनों में मायके में रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किया जाता है।शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के प्रथम दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी का चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को शुक्र, द्वादशी को गुरु, त्रयोदशी को बुध, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु अपने उग्र रूप में होता है। इस दौरान काम बिगड़ने के अधिक आसार होते हैं।

होलाष्टक के चलते न करें ये काम –

  • 8 दिन किसी भी मांगलिक शुभ कार्य को करने के लिए शुभ नहीं होता है।
  • इस दौरान शादी, भूमि पूजन, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य, कोई भी नया व्यवसाय या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए।
  • होलाष्टक शुरू होने के साथ ही 16 संस्कार जैसे नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।
  • किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किया जाता है।
  • नवविवाहिताओं को इन दिनों में मायके में रहने की सलाह दी जाती है।