महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं. दुनियाभर के श्रद्धालुओं के बीच यह मंदिर आस्था का प्रतीक है. अब भक्त त्र्यंबकेश्वर मंदिर में 8 दिनों ]तक दर्शन नहीं कर पाएंगे. मंदिर 12 जनवरी तक बंद रहने वाला है. इस बात की जानकारी मंदिर ट्रस्ट की ओर से दी गई है.मंदिर ट्रस्ट ने जानकारी देते हुए बताया है कि आने वाले 8 दिनों तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मंदिर के ज्योतिर्लिंग के रखरखाव का काम किया जाएगा. इस दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती. बता दें कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. यब ब्रह्मगिरी पहाड़ के तल पर स्थित है.

भारतीय संवर्धन विभाग की तरफ से मंदिर के देखरेख और रिसोट्रेशन के लिए मंदिर पूरी तरह 8 दिन बंद रहेगा। बताया गया कि मंदिर इसलिए बंद किया जा रहा है क्योंकि 14 जनवरी 2023 से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने शुरू हो जायेंगे। बता दें कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर की देशभर में बड़ी मान्यता है।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर की देशभर में बड़ी मान्यता है। हर रोज करीब हजार श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंते हैं, जबकि छुट्टियों और त्योहारों जैसे अवसरों पर यह संख्या एक लाख से अधिक हो जाती है। बाकी जगह ज्‍योतिर्लिंगों में केवल भगवान शिव ही विराजित हैं जबकि त्र्यंबकेश्‍वरज्योर्तिलिंग में ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश तीनों ही विराजित हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर के निर्माण में करीब 16 लाख रुपए खर्च हुए थे। त्र्यंबकेश्वर मंदिर में खासकर श्रावण और शिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है. यहां हर रोज हजानों की संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक्सपर्ट्स अब ज्योतिर्लिंग को किसी तरह का नुकसान से बचाने के लिए नया लेप लगाएंगे. माना जा रहा है कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर के इतिहार में पहली बार इतनी लंबे अंतराल के लिए भक्तों के लिए मंदिर के कपाट बंद रहने वाले हैं.