सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को मार्च से सौंपे जायेंगे प्लाट, 2000 लोगों को मिलेगा लाभ

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इंदौर जिले में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को प्लाट दिलाने के संबंध में चलाये जा रहे अभियान के प्रथम चरण के प्रभावी क्रियान्वयन के पश्चात अभियान का दूसरा चरण मार्च महिने के अंतिम सप्ताह से शुरू होगा। इस दूसरे चरण में लगभग दो हजार से अधिक सदस्य लाभान्वित होंगे। अभियान के पहले चरण में विभिन्न गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के 767 सदस्यों को प्लाट के आवंटन पत्र सौंपे गये थे। अभियान की द्वितीय चरण में की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में आज यहां संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह, अपर कलेक्टर दिनेश कुमार जैन, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक श्रोत्रिय, संयुक्त आयुक्त सहकारिता श्री जगदीश कनोज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने 35 से अधिक गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने संस्थावार प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में शेष रह गये सदस्यों को उनका वाजिब हक दिलाकर प्लाट तथा प्लाट के कब्जे दिलवाये जायें।

त्रिपाठी ने कहा कि जिन संस्थाओं में वरियता सूची का निर्धारण अभी तक नहीं हुआ है, वहां पारदर्शीपूर्ण कार्यवाही कर वरियता सूची तैयार की जाये। जिन्होंने पूरी राशि जमा कर दी है और वहां प्लाट हैं वहां प्लाट दिलवाये जायें। ऐसी संस्थाएं जिनमें प्लाट नहीं हैं और सदस्यों ने राशि जमा की है, उन सदस्यों को नियमानुसार राशि वापस लौटाने की कार्यवाही की जाये। ऐसी संस्थाएं जिनके सदस्यों द्वारा अभी तक राशि जमा नहीं की गई है, उन्हें राशि जमा करायी जाने के अवसर उपलब्ध कराये जाये। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाएं जिनके द्वारा अपात्र सदस्यों को रजिस्ट्री करा दी गई है, उनकी रजिस्ट्री निरस्त कराने के संबंध में लोक अदालत में प्रकरण लगाये जायें। जहाँ जमीन कम है और सदस्य अधिक है, वहां मल्टी स्टोरी भवन बनाकर सदस्यों को फ्लैट देने के विकल्प पर भी विचार किया जाये। बताया गया कि अभियान का दूसरा चरण मार्च माह के अन्तिम सप्ताह में शुरू होगा। तीसरा चरण जून अन्त तक शुरू किया जायेगा।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक श्रोत्रिय, संयुक्त आयुक्त सहकारिता जगदीश कनोज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने 35 से अधिक गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही की समीक्षा की। उन्होंने संस्थावार प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में शेष रह गये सदस्यों को उनका वाजिब हक दिलाकर प्लाट तथा प्लाट के कब्जे दिलवाये जायें।

त्रिपाठी ने कहा कि जिन संस्थाओं में वरियता सूची का निर्धारण अभी तक नहीं हुआ है, वहां पारदर्शीपूर्ण कार्यवाही कर वरियता सूची तैयार की जाये। जिन्होंने पूरी राशि जमा कर दी है और वहां प्लाट हैं वहां प्लाट दिलवाये जायें। ऐसी संस्थाएं जिनमें प्लाट नहीं हैं और सदस्यों ने राशि जमा की है, उन सदस्यों को नियमानुसार राशि वापस लौटाने की कार्यवाही की जाये। ऐसी संस्थाएं जिनके सदस्यों द्वारा अभी तक राशि जमा नहीं की गई है, उन्हें राशि जमा करायी जाने के अवसर उपलब्ध कराये जाये।

त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी संस्थाएं जिनके द्वारा अपात्र सदस्यों को रजिस्ट्री करा दी गई है, उनकी रजिस्ट्री निरस्त कराने के संबंध में लोक अदालत में प्रकरण लगाये जायें। जहाँ जमीन कम है और सदस्य अधिक है, वहां मल्टी स्टोरी भवन बनाकर सदस्यों को फ्लैट देने के विकल्प पर भी विचार किया जाये। बताया गया कि अभियान का दूसरा चरण मार्च माह के अन्तिम सप्ताह में शुरू होगा। तीसरा चरण जून अन्त तक शुरू किया जायेगा।