फल-सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इंदौर-भोपाल में बनेगा पेरिशेबल कमोडिटी हब

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मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए आज नई दिल्ली में इंडस्ट्रीयल राउंड टेबल कान्फ्रेंस के दूसरे सत्र में जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर और भोपाल में फल और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पेरिशेबल कमोडिटी हब की स्थापना की जाएगी। इसी तरह कृषि विपणन के क्षेत्र में हुए बदलावों के अनुरूप मण्डी अधिनियम में भी संशोधन किए जाएंगे। खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों से हुई चर्चा के बाद शीर्ष उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति दिलचस्पी दिखलायी। अडानी ग्रुप, पेप्सिको, कोका कोला कंपनी ने प्रदेश में निवेश की घोषणाएँ की।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश की उद्यानिकी राजधानी बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यही एक मात्र एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिए हम अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत और किसानों की आय को दोगुना कर सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए हम प्रदेश में एक अलग नीति बनाने जा रहे हैं जो उद्यानिकी फसलों के साथ-साथ इस क्षेत्र से जुडे़ हुए निवेश को प्रदेश में प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि वे मध्यप्रदेश को उद्यानिकी राजधानी बनाने में सहयोग करें। उन्होंने उद्योगपतियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए बने अनुकूल वातावरण का लाभ उठाते हुए रोजगार और विकास के क्षेत्र में सहयोग दें।
अडानी ग्रुप आटा, चावल, पेप्सिको आलू और कोका कोला संतरे और आम निर्माण की इकाई में निवेश करेंगे
इंडस्ट्रीयल राउंड टेबल कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की उद्योग अनुकूल और सेक्टरवाइस नीतियों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए खाद्य प्र-संस्करण से जुड़ी शीर्ष औद्योगिक कंपनियों ने बड़ी निवेश की घोषणाएँ की।
अडानी विल्मर अपने फार्चून आटे के व्यापार में प्रदेश में बड़ा निवेश करेगा। विदेशा में सोयाबड़ी और बासमती चावल प्र-संस्करण में निवेश करने की जानकारी दी।

पेप्सिको ने मध्यप्रदेश से हर वर्ष 110 करोड़ मूल्य के आलू खरीदी को भविष्य में दोगुना करने को कहा। आलू से जुड़े उत्पादों की इकाई भी पेप्सिको प्रदेश में स्थापित करेगी। कोका कोला कंपनी ने संतरे और आम के ताजा रस बनाने की निर्माण इकाई स्थापित करने और इसमें निवेश के प्रति सहमति व्यक्त की।

कान्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली रियायतों का प्रस्तुतिकरण करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने उद्योग के विभिन्न सेक्टरों के लिए अलग-अलग नीतियाँ बनायी हैं। मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसके पास कर से जुड़ी नीति है। 400 हेक्टेयर क्षेत्र भूमि पूलिंग नीति बनाने वाला पहला राज्य है। पावर सेक्टर के लिए रूफ टॉप सोलर पॉलिसी है।

प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा ने भी उद्योग से जुड़ी जानकारियाँ दी। एक दिवसीय गोलमेज कान्फ्रेंस में कपड़ा और परिधान क्षेत्र से लगभग 65 उद्योगपति तथा खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र से जुड़े लगभग 50 से ज्यादा उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद किया। इनमें प्रमुख कंपनियाँ ट्राइडेंट, गोकल दास एक्सपोर्ट, मयूर यूनिकोटर्स, प्रतीभा सिनटेक्स, रेमण्ड, पर्ल फैशन, काजो तथा खाद्य प्र-संस्करण से जुड़े उद्योग अडानी, पेप्सी, कोका कोला, हल्दी राम, आईटीसी, यूनीलिवर, कारगिल इंडिया, फरेरो, ब्लू स्टार एवं डेन्टॉस शामिल हैं।

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