अब बच्चों को खोज कर टीका लगाया जाएगा, विशेष मुहिम हुई प्रारंभ

राज्य शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशानुसार इंदौर जिले में कोरोना से बचाव के लिये बच्चों के टीकाकरण के लिये चलाये गये अभियान के तहत एक लाख 25 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाये गये हैं। जिले में एक लाख 94 हजार बच्चों को टीके लगाये जाने का लक्ष्य है। टीकाकरण से शेष 69 हजार बच्चों को टीके लगाने के लिये विशेष मुहिम शुरू की गई है। शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण करवाने के लिये विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत महिला एवं बाल विकास, श्रम तथा उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ऐसे बच्चें जिन्हें टीके नहीं लगे है, उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में खोज कर टीका लगवायेंगे।

यह जानकारी आज यहां सांसद श्री शंकर लालवानी की विशेष मौजूदगी में रवीन्द्र नाट्य गृह में सम्पन्न हुई संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक में दी गई। बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे, अपर कलेक्टर श्री अभय बेड़ेकर तथा श्री अजय देव शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक में आँगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, श्रम तथा उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।

बैठक में निर्देश दिये गये कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण करें। उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उद्योगों में तथा श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी दुकानों, मॉल, गैरेज, होटल, रेस्टोरेंट आदि नियोजनों में पहुंचकर ऐसे बच्चें जिन्हें टीके नहीं लगे है, उन्हें सूचीबद्ध करें और उनका आवश्यक रूप से टीकाकरण भी करवायें। वे यह ध्यान देवें की कोई भी पात्र बच्चा कोरोना टीकाकरण से वंचित नहीं रहे। बैठक में सांसद श्री लालवानी ने कहा कि मानवता की दृष्टिकोण से हमारी यह महत्वपूर्ण जवाबदारी है कि सभी बच्चों का टीकाकरण हो। भविष्य को सुरक्षित करने के लिये 15 से 17 वर्ष आयु तक के सभी बच्चों का टीकाकरण करवाये। इस कार्य को वे सर्वोच्च प्राथमिकता में लेवें।

कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने अभियान की जानकारी देते हुये बताया कि इस अभियान के तहत वर्ष-2005, 2006 तथा वर्ष 2007 में जन्में प्रत्येक बच्चें का टीकाकरण किया जाना है, जो बच्चें स्कूलों में अध्ययनरत है उनके टीकाकरण की जवाबदारी स्कूल प्रबंधन की है। स्कूलों में टीकाकरण का कार्य लगभग कार्य पूरा हो गया है। टीकाकरण से शेष 69 हजार बच्चों में अधिकतर ऐसे बच्चें है, जो स्कूल नहीं जा रहे है, शाला त्यागी है या किसी नियोजन में कार्य कर रहे है, ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देकर उन्हें चिन्हांकित किया जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रत्येक बच्चें का टीकाकरण हो जाये।

बैठक में राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे ने बच्चों के टीकाकरण महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों का टीकाकरण होगा, तो भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। निर्बाध रूप से शिक्षा जारी रहे इसके लिये जरूरी है कि सभी बच्चों का टीकाकरण हो। टीकाकरण होगा तो कोरोना महामारी पर आसानी से नियंत्रण हो सकेगा।