‘मोसे छल किये जाए’ टेलीविजन पर दिखाएगा एक बेगानी ‘छलावे की शादी’!

इंदौर (Indore News) : सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का ताजातरीन फिक्शन शो मोसे छल किये जाए, जिसका प्रीमियर 7 फरवरी को हुआ था, दो जुदा इंसानों की एक कहानी है, जिनमें एक है महत्वाकांक्षी और संघर्षशील टीवी लेखिका सौम्या वर्मा और दूसरे हैं आकर्षक एवं सफल टीवी प्रोड्यूसर अरमान ओबेरॉय, जिनकी धोखे वाली फितरत भी है। शशि मित्तल और सुमीत मित्तल के निर्माण में बने इस शो को अपनी दमदार कहानी और लीड कलाकारों विजयेंद्र कुमेरिया और विधि पंड्या की शानदार परफॉर्मेंस के लिए बहुत बढ़िया प्रतिक्रियाएं मिली हैं।

इस शो में आगे आने वाली ‘छलावे की शादी’ की एक झलक दिखाने के लिए इस शो के लीड कलाकार आज इंदौर पहुंचे। इस शो में दर्शकों ने अब तक देखा कि किस तरह सौम्या एक लेखिका के रूप में अपना करियर बनाने के लिए अरमान का शादी का प्रस्ताव ठुकरा देती है, जिससे अरमान आहत हो जाता है। लेकिन अरमान कहां हार मानने वाला था। वो अपने शातिर दिमाग और छल कपट से सौम्या को अपने फैसले पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर देता है और फिर से उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखता है! सौम्या के लिए ये शादी बराबरी के अधिकार की है, जहां अरमान उसकी महत्वाकांक्षा का समर्थन करता है… लेकिन अरमान का एक धोखे वाला चेहरा भी है, जिससे सौम्या अनजान है।

जहां शादियां अपने साथ ढेर सारा जश्न, रीति रिवाज और उत्साह लेकर आती हैं, वहीं ये छलावे की शादी दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा देगी। इसकी शुरुआत सात वचनों से होगी, जिसमें आमतौर पर एक जोड़ी सुख-दुख में एक दूसरे का साथ निभाने का वचन देती हैं, लेकिन अरमान ओबेरॉय सौम्या को अपने तौर-तरीकों में ढालने की कसम लेगा। और अरमान अपनी बातों का पक्का है।

शादी की रस्मों के बाद भी गृह प्रवेश से लेकर दूसरे कार्यक्रमों तक, अरमान ओबेरॉय उन सभी बातों से दर्शकों को चौंका देगा, जो उसने सौम्या के लिए सोच रखी हैं। क्या सौम्या को यह एहसास होगा कि अरमान उसे धोखा दे रहा है? क्या यह छलावे की शादी सौम्या की जिंदगी पूरी तरह बदलकर रख देगी? इस छलावे की शादी के साथ देखिए सौम्या का वैवाहिक सफर ‘मोसे छल किये जाए’ में, रात 9 बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर।

कॉमेंट्स : विजयेंद्र कुमेरिया, अरमान ओबेरॉय के किरदार में..

सबसे पहले तो मैं इस शो को दर्शकों से मिले पॉजिटिव रिस्पॉन्स के लिए उनका आभारी हूं। मैं असल जिंदगी में अरमान की तरह नहीं हूं और ऐसे में इस किरदार को पर्दे पर प्रस्तुत करना बड़ा चुनौती भरा है। आपने पहले भी पर्दे पर शादियों के प्रस्ताव ठुकराते हुए देखे होंगे, जिसका सबसे स्वाभाविक असर यह होता है कि आप जिंदगी में आगे बढ़ जाएं। लेकिन एक किरदार केरूप में अरमान रिजेक्शंस का आदी नहीं है। वो हेराफेरी में इतना माहिर है कि वो किसी भी तरह से अपनी बात मनवा ही लेता है और इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को शर्मिंदा भी महसूस करा देता है। तो सौम्या के साथ उसकी शादी कुछ नहीं, बल्कि एक छलावे की शादी है।

अरमान की सोच के मुताबिक एक औरत को अपनी जगह पता होनी चाहिए और वो यह सुनिश्चित करता है कि सौम्या को भी इस बात का एहसास हो। अरमान के अंदर बहुत कुछ छिपा है और शादी के बाद वो यह सुनिश्चित करेगा कि सौम्या उसके हाथों की कठपुतली बन जाए। सबसे खराब बात तो यह है कि उसके शातिर दिमाग की करतूतें कोई भी नहीं समझ पाता, यहां तक की सौम्या भी नहीं! मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस शो को अपना प्यार और समर्थन देते रहेंगे। इंदौर की बात करूं तो यह मेरी सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है! इस शहर की समृद्ध संस्कृति है और यहां के लोग बड़े खुशमिजाज हैं। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा।

विधि पंड्या – सौम्या वर्मा के किरदार में

मेरा किरदार सौम्या आधुनिक भारतीय नारी का प्रतीक है, जो अपने रिश्तों को संवारती और सहेजती है और साथ ही अपना करियर बनाने के लिए भी संघर्ष करती है। मैंने अपने किरदार में आने के लिए बहुत-सी वर्कशॉप्स की हैं, जहां मेरा किरदार एक लेखिका का है जिसका एक रचनात्मक पक्ष है। आज भारतीय महिलाएं रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ रही हैं और मुझे खुशी है कि मैं एक ऐसी महिला का किरदार निभा रही हूं, जिसके आदर्श बड़े पक्के हैं। आगामी छलावे की शादी के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सौम्या को अरमान के असली इरादे पता चलते हैं और वो किस तरह इससे गुजरकर आगे बढ़ती है! मुझे आज यहां इंदौर आकर शो के बारे में बात करते हुए बहुत खुशी हो रही है और मैं अपने सभी फैंस और दर्शकों को धन्यवाद देना चाहूंगी, जिन्होंने सौम्या को इतना प्यार और तारीफें दीं।