एक और उलटफेर कर आल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचे लक्ष्य सेन

आल इंग्लैंड जीतना सबका सपना होता है और मैं अब सिर्फ एक मैच दूर हूं,मैं बहुत खुश हूं कि मैंने कठिन परिस्थितियों में भी अंक लिए और सेमीफाइनल मैच जीता"

“आल इंग्लैंड जीतना सबका सपना होता है और मैं अब सिर्फ एक मैच दूर हूं,मैं बहुत खुश हूं कि मैंने कठिन परिस्थितियों में भी अंक लिए और सेमीफाइनल मैच जीता”-पिछले विजेता मलेशिया के ली जी जिआ को हराकर उलटफेर करने के बाद यह बात लक्ष्य सेन ने कही, उत्तराखंड के अल्मोड़ा के 20 वर्षीय लक्ष्य सेन प्रतिष्ठित आल इंग्लैंड स्पर्धा का फाइनल खेलने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी हैं।

बर्मिंघम में 114वीं योनेक्स आल इंग्लैंड खुली सुपर-1,000 बैडमिंटन स्पर्धा में विश्व नंबर 11लक्ष्य सेन ने 19 मार्च को सेमीफाइनल में छठवां क्रम प्राप्त गत आल इंग्लैंड विजेता ली जी जिआ को 23-13,12-21,21-19 से 1घंटे 16मिनट के संघर्ष में हराया, प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी,बैंगलुरु के सेन आल इंग्लैंड खिताब के ‘लक्ष्य’के लिए आठ दिन में दूसरी बार विश्व नंबर एक डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन से खेलेंगे।

लक्ष्य 12 मार्च को जर्मनी के मुल्हैम एन डेर रुहर में जर्मन खुली सुपर-300 स्पर्धा के सेमीफाइनल में विक्टर एक्सेलसेन को हराकर सनसनी फैला चुके है, 28 वर्षीय विक्टर एक्सेलसेन चौथी बार इस स्पर्धा के फाइनल में हैं, वे 2020 में ताईपेई के चोयु तैन चेन को हराकर आल इंग्लैंड विजेता बन चुके हैं ,जिसे इस बार सेमीफाइनल में 21-13,21-15 से 48 मिनट में हराया है, पिछले साल रोमांचक फाइनल में विक्टर ,मलेशिया के ली जी जिआ से 29-30,22-20,9-21से हार गए थे,ओलंपिक विजेता विक्टर एक्सेलसेन ने कहा है ‘निश्चित ही लक्ष्य अभी बहुत अच्छा खेल रहे हैं।

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लेकिन वे जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे,’ दोनों के बीच अब तक हुए पांच मुकाबलों में से चार विक्टर एक्सेलसेन जीते हैं, लक्ष्य सेन इस साल लगातार तीसरी सुपर टूर स्पर्धा के फाइनल में हैं, जनवरी में नईदिल्ली में योनेक्स सनराइज भारतीय खुली सुपर-500 स्पर्धा जीती, पिछले सप्ताह जर्मन खुली सुपर-300 में उपविजेता रहे, लक्ष्य ने आल इंग्लैंड के दूसरे दौर में विश्व नंबर तीन डेनमार्क के एंडर्स एंटोन्सेन को और सेमीफाइनल में विश्व नंबर 7 मलेशिया के ली जी जिआ को हराकर उलटफेर किया।

छठवें क्रम के ली के खिलाफ लक्ष्य ने पहले गेम में 2-4 से पीछे होने के बाद 6-6 कर 11-7 और 12-9 की बढ़त ली, 23वर्षीय ली ने 12-13किया, लक्ष्य ने लगातार पांच अंक बनाकर 17-12 से आगे होकर 21-13से पहला गेम जीता लिया, दूसरे गेम में लक्ष्य 2-9,3-11,4-12और 5-16से पीछे रहे एवं हार गए, तीसरे और निर्णायक गेम में लक्ष्य 3-1से आगे हुए, ली 3-3 कर 7-5 से आगे हुए,8-8 के बाद लक्ष्य हमेशा 9-11,10-14,12-16और 16-18 से पीछे रहे, फिर भी पहले गेम की तरह नेट पर बेहतरीन खेल दिखाते हुए और अच्छे ऊंचे पीछे रिटर्न कर नियंत्रित खेल से जीत हासिल कर ली, दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला था, लक्ष्य सेन,ली जी जिआ को पांच साल पांच माह पहले हुए पहले मुकाबले में हैदराबाद में हुई इंडिया अंतरराष्ट्रीय सीरीज स्पर्धा 2016 के फाइनल में 11-13,11-3,11-6,11-6 से हरा चुके है।

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लक्ष्य सेन पांचवें भारतीय

आल इंग्लैंड का फाइनल खेलने वाले लक्ष्य सेन पांचवें भारतीय हैं, प्रकाश नाथ 1947, प्रकाश पादुकोण 1980 और 1981,पुलैला गोपीचंद 2001और साइना नेहवाल 2015 में फाइनल खेले हैं, प्रकाश पादुकोण 1980 में और गोपीचंद 2001में ही आल इंग्लैंड सरताज बन सके हैं, अब प्रकाश पादुकोण, विमलकुमार और डी के सेन(पिताजी भी) के शिष्य लक्ष्य सेन 20 मार्च को तीसरे खिताब धारी भारतीय हो सकते हैं, लक्ष्य ने कहा “वे यह खिताब जीतकर अपना सपना पूरा करना चाहेंगे और प्रकाश सर के कदमों पर चलकर खुश होंगे,”

ट्रेसा जोली और गायत्री गोपीचंद सेमीफाइनल में पराजित

भारत की ट्रेसा जोली और गायत्री गोपीचंद पुलैला महिला युगल के सेमीफाइनल में चीन की नई जोड़ी झांग शु झिआन और झेंग यु से 17-21,16-21से 51मिनट में हार गई, विश्व नंबर 46भारतीय जोड़ी ने दोनों ही गेम में शुरु से खड़ा संघर्ष किया और आखिरी में ही पिछड कर हारी,पहले गेम में भारतीय जोड़ी 4-4 के बाद 5-4,7-5,10-7,11-8से आगे हुई,11,12,13,14और 15 पर भी बराबरी हुई, लगातार पांच अंक बनाकर कर चीनी जोड़ी 22मिनट में पहला गेम जीत गई, दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी 4-2,6-3,7-5,8-6और 9-8से आगे हुई।

चीनी जोड़ी ने 21-10,13-12 से बढ़त ली, भारतीय जोड़ी ने 14-14किया, फिर चीनी जोड़ी 17-14,18-16 की बढ़त लेकर जीता गई, चीनी जोड़ी कक फाइनल जापान की नामि मत्सुयामा और चिहारु शिदा से हैं, सातवें क्रम की इस जापानी जोड़ी ने एक अन्य उलटफेरी विश्व नंबर 64 दक्षिण कोरिया की जेओंग ना इयुन और किम हयी जेओंग को 21-8,21-13 से हराया,ट्रेसा जोली और गायत्री गोपीचंद आल इंग्लैंड के युगल सेमीफाइनल खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी है।

कोरियाई एन ने विश्व नंबर एक ताई को मात दी

दक्षिण कोरिया की 20 वर्षीय एन से युंग ने 2020की आल इंग्लैंड विजेता और विश्व नंबर एक ताईपेई की ताई त्झी यिंग को महिला एकल सेमीफाइनल में 21-19,21-13से 40मिनट में हराकर उलटफेर किया,विश्व नंबर 4 एन से युंग पहली बार फाइनल में आई है, एन का फाइनल विश्व विजेता, दूसरे क्रम की जापान की अकाने यामागुची से है, अकाने यामागुची ने ओलंपिक विजेता, तीसरे क्रम की चेन युफेई को 21-11,21-13से 41मिनट में हराया, अकाने की युफेई पर 21वें मुकाबले में 13वीं और लगातार तीसरी जीत हैं।

विश्व नंबर एक जोड़ी उलटफेर की शिकार

पुरुष युगल फाइनल इंडोनेशियाई जोड़ियों के बीच होगा, लेकिन विश्व नंबर एक जोड़ी मार्कुस फरनाल्डी जेदेअन और केविन संजया सुकमुल्यो नहीं होगी, यह इंडोनेशियाई जोड़ी विश्व नंबर 28 हमवतन मुहम्मद शोहिबुल फ़िक्री और बागास मेयुलना से 20-22,21-13,16-21से 58मिनट में हार गई, विश्व नंबर दो मोहम्मद एहसान और हेंड्रा सेतियवान ने विश्व नंबर 19 चीन के ही जि तिंग और तान क्विंग को 21-16,14-21,21जेड13से 48मिनट में हराया।

मिश्रित युगल फाइनल जापान के युता वातनाबे और एरिसा हिगाशिनो एवं चीन के वांग यो लयीऔर हुआंग डोंग पिंग के बीच हैं, विश्व नंबर 4 जापानी जोड़ी ने सेमीफाइनल में विश्व विजेता, विश्व नंबर एक थाईलैंड की डेचपाल और सपसिरी को 21-14,21-15 से हराकर उलटफेर किया, विश्व नंबर 3 वांग और हुआंग ने विश्व नंबर दो हमवतन झेंग सि वेई और हुआंग या क्विंग को 21-7,13-21,21-13 से 59 मिनट में हराकर उलटफेर किया।