350 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर और गोपाल मंदिर में धूमधाम से मनेगी जन्माष्टमी

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इंदौर : शहर के नामचीन और होलकर कालीन श्री गोपाल मंदिर और 350 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव 23 अगस्त को धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई जाएगी। सुबह 6 बजे मंगल आरती होगी के बाद 7.30 से 9 बजे तक भगवान का पंचमृत स्नान होगा। भगवान के सोलह श्रृंगार के बाद बालभोग लगाया जाएगा। उसके बाद महिलाएं भजन और नृत्य कर उत्सव मनाएगी। रात 9 बजे मंदिर में 11 विद्वान ब्राह्मण भगवान का अभिषेक करेंगे। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं श्री यशोदा माता मंदिर में 24 अगस्त को उत्सव मनाया जाएगा। उधर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार डेढ़ साल से 14 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। इसके पहले बांके बिहारी मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

दिसंबर 2019 में तक होना है निर्माण कार्य : स्मार्ट सिटी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एनएस तोमर ने बताया कि गोपाल मंदिर काे पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए जीर्णोद्धार कार्य 14 करोड़ रुपए की लागत से जनवरी 2017 से शुरू हुआ, निर्माण कार्य दिसंबर 2019 में पूरा होना है। इसके तहत मंदिर का गुंबज, ट्रस्ट का निर्माण, हेरिटेज, मंदिर की सफाई, पुरानी पैंटिंग, फलोरिंग, लाइटिंग का काम किया जा रहा हैं। परिसर में ब्लॉक बी की छत मटकियों से संदला पद्धति से बनाई जा चुकी हैं। अंदर का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। एमपी थिएटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें मंदिर के इतिहास के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाएगी। शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, फूड जोन और आर्ट गैलरी का निर्माण कार्य भी जारी है। अब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मंदिर के निर्माण में निकलने वाली लकड़ियों सहित अन्य सामानों का ही उपयोग किया जा रहा हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी बालमुकुंद पाराशर ने बताया कि मंदिर का निर्माण 1832 में कृष्णाबाई होलकर ने कराया था। जन्मोत्सव 23 अगस्त को सुबह 6 बजे से होगा। 7 बजे से पंचामृत स्नान होगा। रात 12 बजे उत्सव मनाया जाएगा।

350 साल पुराना है बांके बिहारी मंदिर

मुख्य पुजारी तपस्विनी विमल बाई ने बताया कि श्री बांके बिहारी मंदिर 350 साल पुराना है। 23 को रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा होगी। भजन संध्या और राधा-कृष्ण नृत्य भी होगा। सुबह से रात तक श्रद्धालुओं को माखन मिश्री व पंजरी का प्रसाद वितरण होगा।

228 साल पुराना है यशोदा माता मंदिर

मुख्य पुजारी पंडित मनीष दीक्षित ने बताया कि श्री यशोदा माता मंदिर 228 साल पुराना है। वैष्णव संप्रदाय के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में 24 अगस्त को रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 25 को नंद उत्सव और शाम 6 बजे से छप्पन भोग के दर्शन होंगे। 26 को लड्डू गोपाल का झूले में झुलाया जाएगा। जन्म उत्सव के दूसरे दिन और हर गुरुवार को नीह: संतान दंपति की गोद भरी जाती है। मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के साथ रुक्मणी और राधाजी भी विराजमान है।

दाे मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भादौ मास की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में अर्द्धरात्रि में मनाया जाता है। सामान्यतः जन्माष्टमी मनाने में दो मतों की प्रमुखता है। पहला स्मार्त मत व दूसरा वैष्णव मत। विद्वान पंडितों के अनुसार स्मार्त मतानुसार जन्माष्टमी का पर्व 23 अगस्त को मनाया जाएगा, जबकि वैष्णव मतानुसार यह पर्व 24 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में शहर के अधिकतर स्थानों पर कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 23 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भी बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी। साथ ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी।

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