Indore के डांसिंग कॉप को मिला भारत गौरव अवार्ड, 23 साल में 155 बार हुआ सम्मान

बचपन में पढ़ाई में अधिक रुचि नहीं होने के कारण उन्हें पिताजी से कई बार डांट भी पड़ती थी। लेकिन अब रंजीत सिंह के काम से पिता बहुत खुश हैं और अपने बेटे पर बहुत गर्व महसूस करते हैं।

 इंदौर: चौराहे पर ट्रैफिक को कंट्रोल करने वाले यातायात जवान तो अपने देखें ही होंगे लेकिन बीच चौराहे पर ट्रैफिक को अपने अनूठे अंदाज में कंट्रोल करने वाले एक इसे ही जवान के बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं। हम बात कर रहे हैं रोज सुबह कोर्ट चौराहे पर अपने डांस के जरिए ट्रैफिक को कंट्रोल करने वाले रंजीत सिंह की जिन्हें भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत सिंह को दिल्ली में केरल के राज्यपाल के हाथों भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। रंजीत सिन्हा का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड भी दर्ज है।

आपको बता दें कि रंजीत सिंह हाई कोर्ट चौराहे पर कई वर्षों से यातायात संभाल रहे हैं। अपने अनोखे अंदाज में ट्राफिक को संभालने के चलते उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा चुका है। इंदौर हाई कोर्ट के एक फैसले में उच्च न्यायालय द्वारा जजमेंट में रंजीत सिंह का उदाहरण भी दिया था उन्होंने कहा था कि “यदि अपने कर्तव्य का पालन करना हो तो चौराहे पर खड़े उस यातायात जवान रंजीत सिंह को देखें”।

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जगजीत सिंह ने बताया है कि परिवार में सबसे बड़े होने के कारण माता-पिता को रंजीत सिंह से बहुत ज्यादा उम्मीदें थी। लेकिन बचपन में पढ़ाई में अधिक रुचि नहीं होने के कारण उन्हें पिताजी से कई बार डांट भी पड़ती थी। रंजीत के पिता शिवाजी सिंह पेटलावद में थाना प्रभारी के पद से रिटायर हुए हैं। रंजीत सिंह बताते हैं कि पिताजी डांटते थे और कहते थे कि “मुझे शर्म आती है कि तू मेरा बेटा है”। लेकिन अब रंजीत सिंह के काम से पिता बहुत खुश हैं और अपने बेटे पर बहुत गर्व महसूस करते हैं।

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रंजीत सिंह को अबतक कई पुरस्कर और अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं। इसे बहुत किस्से रंजीत सिंह से जुड़े हुए हैं जब उनके काम और इंसानियत से प्रभावित होकर उन्हे सम्मानित किया गया। ऐसा ही एक किस्सा 2004 का है जब तेज बारिश के चलते एक आटो अचानक पलट गया, इस आटो में प्रेगनेंट महिला भी थी। रंजीत सिंह फुर्ती से महिला की मदद के लिए आगे आएऔरउन्हें अस्पताल पहुंचाया। जिसके बाद उन्हें पहला इनाम प्राइड ऑफ इन्दौर मिला। रंजीत सिंह को उनकी सर्विस का यह 155 वां अवार्ड मिला है। 4 जून 1999 में रंजीत सिंह ने क्राइम ब्रांच से नौकरी की शुरुआत की थी जिसके बाद अब तक उन्हें पुलिस विभाग के द्वारा 350 अलग-अलग तरह के इनाम मिल चुके हैं वर्ष 2018 में उन्हें 25000 का नगद पुरस्कार से भी समानित किया गया। रंजीत सिंह की कई स्लेब्स के साथ फोटो भी हैं जिसमें डांसिंग पोज दे रहे हैं।