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घूमने के लिए मजेदार लेकिन डर से खाली नहीं है इंदौर के ये स्पॉट

Posted on: 05 Jul 2019 17:20 by Ayushi Jain
घूमने के लिए मजेदार लेकिन डर से खाली नहीं है इंदौर के ये स्पॉट

इंदौर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। इंदौर के आसपास कुदरत ने अपनी खूबसूरती का खजाना बिखेर रखा है जिससे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। होलकरों के इस शहर के चारों ओर एक से बढक़र एक खूबसूरत टूरिस्ट स्पाट हैं, जिनकी सुंदरता लोगों के दिलों में उतर जाती हैं। लेकिन इन जगहों पर पहुंचकर आपको थोड़ी सावधानी रखनी होगी नहीं तो आप परेशानी में पड़ सकते हैं। इंदौर के आसपास कई ऐसे स्थान हैं, जहां प्रकृति आकर्षित करती है जैसे- पातालपानी, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, तिंछाफाल, कजलीगढ़, मांडू, जानापाव जैसे खूबसूरत स्पॉट हैं, इन जगहों पर दूर-दूर से लोग आते हैं और यहां की खूबसूरती को देखकर आनंदित हो जाते हैं।

इंदौर के कुछ ऐसे पर्यटन स्थल जहां प्रकृति करती है लोगों को आकर्षित-

1.पातालपानी- इंदौर के 36 किमी दूर स्थित पातालपानी झरना लोगों का पसंदीदा स्थान हैं। यह झरना 300 फीट की ऊंचाई पर हैं। कहावत है यह झरना पाताल तक जाता है इसलिए इसका नाम पातालपानी हैं। पहाडियों पर हरी चादर में लिपटे झूमते पेड़ लोगों का मन मोह लेते हैं। इंदौर खंडवा रेल मार्ग पर स्थित इस स्थान पर लोगों के लिए पातालपानी स्टेशन हैं। इंदौर से 27 किलोमीटर दूर समुद्र तल में 572 मीटर की ऊंचाई पर बने इस तक पहुंचने के लिए सडक़ मार्ग सबसे बेहतर है। इंदौर से महू 21 किमी की दूरी और 6 किलोमीटर की दूरी पर इस दृश्य का न•ारा देख सकते हैं। सुरक्षा को नजरअंदाज कर गहराई में न जाएं। झरने की गहराई का किसी को कोई अंदाजा नहीं है। आपातकालीन नंबर-7049108760 पर संपर्क करें।

2.चोरल डैम- चारों ओर सिर उठाए पहाड़ और इन पर घटाओं को चूमते पेड़। दूसरी ओर इंदौर खंडवा सडक़ के बीचों-बीच नदी, हरी चादरों से लिपटी पहाडिय़ों के बीच नदी का शोर दर्शकों को मन मोह लेता हैं। इंदौर से 41 किमी दूर चोरल डैेम महू मंडलेश्वर मार्ग पर स्थित हैं। चोरल डैेम के लिए इंदौर से महू,आशापुरा,बडगो़ंदा होते हुए पहुंचा जा सकता हैं। यहां डैम से पानी छोड़े जाने पर जलस्तर अचानक बढ़ता है, इस लिए पानी से दूरी बनाकर ही पिकनिक मनाएं। आपातकालीन नंबर-7049108737

3.सीतलामाता फॉल- पातालपानी की तरह ही सीतलामाता फॉल भी लोगों को बारिश के मौसम में बहुत भाता हैं। यहां खूबसूरत झरने के साथ सीतला माता का मंदिर पेड़ और छोटी छोटी पहाडिय़ों के बीच स्थित हंै। महू तहसिल के इस फॉल तक का रास्ता सडक़ से है। निजी वाहनों से पहले मानपुर और फिर 5 किमी की यात्रा तय करनी होती हैं। इंदौर के 43 किमी की दूरी पर यह स्थान एबी रोड पर स्थित है। इंदौर से 38 किलोमीटर की दूरी पर मानपुर और फिर 5 किमी की यात्रा तय करनी होती हैं। फॉल निहारने के लिए कुंड के पास जाना होता हंै। यहा चौकिदारों की तैनाती भी है। वहा बहुत सारे झरने है उन झरनो को समभालने में चौकिदार मुग्ध हो जाते है। ऐसे में लोग कुंड में उतर जाते हैं इससे दुर्घटना हो सकती हैं।

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4.मांडू- मांडू का दर्शन कश्मीर का आभास देता हैं। यहां हरी भरी वादियां, समुद्र का तट यह सब मिलकर मांडू को मालवा का स्वर्ग बनाता हैं। यहां रानी महल,जामी मस्जिद, नहर झरोखा, बाज बाहदुर महल, जहाज महल, मुगल काल, सुलतान काल इन सब का कार्यकाल देखने योग स्थान हैं। मांडू के किले की सुंदरता बेजोड़ हैं। एबी रोड स्थित इस स्थान पर इंदौर सडक़ मार्ग से जाया जा सकते हैं। 94 किलोमीटर की दूरी पर इस स्थान तक पहुंचने के लिए 1 घंटा 55 मीनट की दूरी तय करना पड़ेगी। हालंकि यहां तक पहुंचने के बाद लोगों की सारी थकान दूर हो जाती हैं। श्रद्घालुओं की सुरक्षा के लिहाज से रैलिंग व अन्य सुरक्षा की आवश्यकता है। साथ ही इसके पर्यटकों को स्वयं अपनी जान-माल की सुरक्षा करना चाहिए। ऐसे खतरनाक स्थान से दूर रहना चाहिए।

तिंछाफाल- सबसे प्रसिद्ध और नज़दीक पिकनिक स्पॉट्स में , तिंछा फॉल / वैली , इंदौर से करीब 25 किलोमीटर दूर सिमरोल के पास बेहद खूबसूरत झरना हैं। खंडवा रोड स्थित इस झरने को देखने के लिए, स्वयं के वाहन से पहुंचा जा सकता हैं। यहा 300 फीट की ऊंचाई से गिरने वाले पानी की सुंदरता लुभावनी हंै। जो निकट स्थित तालाब में सुंदरता जोड़ता है, ऊंचांई से तेजगति के साथ गिरता हुआ पानी दूध की धाराओं जैसा दिखता हंै। यदि आप यहां गैर-बरसात के मौसम के दौरान हैं तो आप यहां तालाब में तैर सकते हैं। हालांकि, फॉल्स के उत्कृष्ट दृश्यों का आनंद लेने के लिए, आपको बरसात के मौसम के आसपास आने की जरूरत है। इंदौर से करीब 29 किलोमीटर की दूरी पर आता हैं। सिमरोल से 9 किमी अंदर जाने पर आता है तिंछाफाल। तिंछाफाल से नीचे उतरने का रास्ता जोखिमभरा हैं। फॉल के उपर न जाएं। पानी में पैर डूबोकर रखने से कोई परेशानी नहीं हैं लेकिन सावधानी जरूर रखे।

ये सारे स्पाट हैं तो बेहद खूबसूरत, लेकिन मप्र सरकार अभी तक यहां पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई खास जतन नहीं कर पाई है। ज्यादातर स्पाट जमीन के तल से काफी नीचे हैं। इन तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को टेढ़े-मेढ़े पथरीले रास्तों से होकर गुजरना होता हंै। अक्सर यहां पैर फिसलने का डर बना रहता हैं। चोरल और पातालपानी जैसी कुछ जगहों पर अचानक पानी का स्तर बढऩे से बहने का खतरा भी बना रहता हंै। वहीं कुछ जगहों पर लूट के इरादे से बदमाश पर्यटकों पर पत्थर फेंकते हैं। इसी प्रकार से कजलीगढ़ जैसी सुनसान जगह पर तो महिलाओं के साथ रेप की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं।

ये हैं कुछ सावधानियां जो बचा सकती हैं अनहोनी से

1. किसी भी पिकनिक स्पॉट पर जाने के पहले इसकी जानकारी अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को जरूर दें। उन्हें अपने वापस लौटने के संभावित समय के बारे में भी बताएं।
2.पिकनिक स्पॉट पर एकांत में जाने से बचें।
3. अपने मोबाइल में इंदौर पुलिस का सिटीजन कॉप एप्प इंस्टॉल करें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी जा सके।
4. किसी भी स्पॉट पर जाते समय वहां के लोगों और दुकानदारों से जगह के बारे में जरूरी जानकारी लें।
5. ज़्यादातर पिकनिक स्पॉट बस्ती के बाहर हैं, ऐसे में अंधेरा होने के पहले वापस लौटने की कोशिश करें।
6. अकेले जाने की जगह ग्रुप के साथ आउटिंग का प्रोग्राम बनाएं।
7. जंगल में ज्यादा अंदर तक नहीं जाएं।

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