प्रवासियों के पडाव का शहर है इंदौर, 276 साल पहले हुई थी पहली इन्वेस्टर मीट

0
23
indore

सोपी। होल्करों ने महेश्वर को राजधानी बनाया। 1732 में इन्द्रेश्वर मन्दिर का निर्माण हुआ। 1743 जनवरी 7 को इन्वर्टर मीट का निर्णय हुआ। देशभर के व्यपारियों, कलाकारों, कारीगरों को लाकर बसाया गया। उनके कार्य आघारित बस्तीयां बसाई। छिपा बाखल, घान गली, दलिया पट्टी, लुहार पट्टी, ठठेरा बस्ती, बोहरा बाखल, कुंवर मण्डली सिख मोहल्ला आदि। व्यापार के लिए बजाज खाना, मारोठिया, बोहरा बाजार, सांटा बाजार, सितलामाता बाजार, तेल गली, तिजोरी गली, सियागंज आदि करोबार आघारित व्यवसायी केन्द्र स्थापित हुऐ। होल्कर राजधानी फिर भी महेश्वर ही रहीं।

1817 में होल्कर व अग्रेजों के मध्य महिदपुर में युद्ध में तुकोजीराव द्वितीय कि हार से हुई। परिणाम में 6 जनवरी 1818 को मंदसौर संघी हुई। एक और इन्दौर होल्कर राजधानी व ए बी रोड के दुसरी और ब्रिटिश सेन्ट्रल इण्डिया का मुख्यालय (रेसीडेंसी एरिया ) बना। आज भी रेसिडेंसी क्षेत्र के भुमि विभाजन का खसरा रिकॉर्ड 1924 राजस्व रिकार्ड में नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग व 10 नदियों में से एक कांन्हा नदी के दौनों किनारे से ब्रिटिश व होल्कर राज चला। यह क्षेत्र 9 लाख वृक्षों से अछादित होने से एक और ब्रिटिश रेसिडेंसी तो दुसरी और होल्करों का माणिक बाग पैलेस व लालबाग स्थित है। 1870 स्वतंत्र नगर पालिका का गठन हुआ। 1871 कपड़ा मिलों कि निर्माण प्रारंभ हुआ। 1881 पहली जनगणना 75,401नागरिक रहे। 1875 में 125 करोड रुपये कर्ज लेकर होल्करों ने ब्रिटिश को दियें। तब अकोला से अजमेर राजपुताना रेल लाईन बनी।

गणेशोत्सव प्रारंभ ( 1893 पुना)
1904 टेलीफोन बजा। 1906 बिजली आई। 1918 पहला मास्टर प्लान बना।

व्यवस्थित विकास के लिए सीटी इम्प्रूवमेंट। 1978 विघुत आघारित नर्मदा जल वितरण व्यवस्था
एशिया कि सबसे बड़ी – महगी जल प्रबंधन व्यवस्था ने नदी किनारे बसी सभ्यताओं के मानव को नदियों कि महता से विशेषकर इन्दौरीयों को अलग कर दिया है। नदियों को मेला डोने का साधन बना कर गंदे नाले में तब्दील कर दिया। नर्मदा के कुप्रबंधन ने ट्यूब वेल से इन्दौर कि जमीन को छलनी कर दिया है। परिणाम में 181% भुजल दोहन करके 2022 तक ज़िरो ग्राउंड पर पहुँच जायेगा। 91% सै अघिक ट्यूब का पानी पीने योग्य नहीं रहा है। फिर भी आघारित शहर इसे पीने को मजबूर है।

1971 में आजाद नगर टिलें कि खुदाई में हडप्पा सभ्यता के अवशेष निकले। 5000 पुरानी सभ्यता के बाशिंदे क्यों तबाह हुए। प्रशन का उत्तर बाकि है। देश के 100 स्मार्ट सिटी शहरों कि सुची ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि में सबसे छोटी आयु का शहर होकर भी जनसंख्या मान से 14 वे क्रम का शहर है। 1000 नागरिकों में 800 से अधिक वाहन मालिक होकर दुनिया में चौथे क्रम के शहर में शुमार है। लगातार तीसरी बार स्वच्छता में नम्बर वन रहा है। सभी तरह के व्यज़न-खाने को मिलते हैं। खाने पीने के मामले में पैटु शहर होकर सारी रात खाने पिने कि दुकाने खुली रहती है। इस तरह पडाव के प्रवासियों का शहर है इन्दौर। इतना ही नहीं प्रवासि पक्षीयों का वेट लेण्ड भी इन्दौर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here